इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं, लेकिन इन मौतों की अब तक कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। इसी बीच इंदौर कलेक्टर के आरएसएस कार्यालय जाने की खबर सामने आई है। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी हमलावर है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे लेकर इंदौर कलेक्टर को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इंदौर में भाजपा सरकार और प्रशासन सरकार नहीं, सर्कस चला रहे हैं। इंदौर में जहरीले पानी से 20 लोगों की मौत हो गई और इसके बावजूद इंदौर के महापौर तथा कलेक्टर देर रात RSS के कार्यालय में बैठक करने गए। क्या इंदौर के अधिकारी अब सरकार की जगह RSS के लिए काम करेंगे? पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के ऑफिस में जाकर ड्यूटी करोगे तो याद रखना।
दरअसल, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा बुधवार देर रात महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे थे। महापौर भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय 'सुदर्शन' सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है।
बैठक में यह बात भी हुई है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और प्रशासनिक तालमेल की कमी की बात भी नहीं उठे। सभी अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को सुनें और उनके साथ तालमेल बैठाते हुए काम करें। बहरहाल, संघ के कार्यालय में जाने को लेकर इंदौर कलेक्टर की खूब फजीहत हो रही है।