अंडमान-निकोबार। झारखंड के चतरा में हुए एयर एंबुलेंस हादसे के ठीक एक दिन बाद यानी मंगलवार 24 फरवरी की सुबह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से एक और विमान घटना सामने आई है। सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी पवन हंस के एक हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। जिसके बाद मायाबंदर के पास अंडमान सागर में हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोग सुरक्षित बच गए। इनमें दो क्रू मेंबर और पांच यात्री शामिल थे।

अधिकारियों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने सुबह करीब 8 बजकर 30 से 8 बजकर 45 मिनट के बीच श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से मायाबंदर के लिए उड़ान भरी थी। लगभग 9 बजकर 30 मिनट पर जब हेलीकॉप्टर मायाबंदर पहुंचने वाला था और रनवे से करीब 300 मीटर पहले था तभी उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समुद्र में क्रैश लैंडिंग कराई।

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घटना के समय हेलीकॉप्टर में तीन महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा सवार थे। पवन हंस के प्रवक्ता ने बताया कि सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कुछ अधिकारियों ने बताया कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। जबकि, नागरिक उड्डयन निदेशक नितेश रावत के अनुसार, दोनों पायलट और पांचों यात्रियों को एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी को मायाबंदर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

सीनियर सिविल एविएशन अधिकारी ने बताया कि उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद पायलट ने तत्काल कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा था। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल सक्रिय हो गया। पोर्ट ब्लेयर से एक रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी भेजा गया। जिसके बाद समुद्र के बीच से सभी सातों लोगों को सुरक्षित निकालकर किनारे लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, पायलट की तत्परता और प्रशिक्षण के कारण बड़ा हादसा टल गया।

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कंपनी ने कहा है कि घटना के बाद मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पवन हंस अंडमान निकोबार जैसे दूरस्थ और द्वीपीय इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करती है और पोर्ट ब्लेयर से आसपास के क्षेत्रों के बीच हवाई संपर्क उपलब्ध कराती है।

दूसरी ओर लगातार सामने आ रही विमानन घटनाओं ने सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह विमान रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7 बजकर 11 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के करीब 20 से 25 मिनट बाद शाम 7 बजकर 34 मिनट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क और रडार कॉन्टैक्ट टूट गया। रात 8 बजकर 5 मिनट पर रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया। बाद में विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास कसियातु जंगल में क्रैश हुआ मिला।

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इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सबराजदीप सिंह, मरीज 41 वर्षीय संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, रिश्तेदार ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। मरीज संजय कुमार आग की वजह से गंभीर रूप से झुलस गए थे और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।