ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित पटरी रोड बुधवार सुबह गोलियों की आवाज से दहल उठा। सरकारी जमीन पर रेत डंप करने को लेकर चल रही पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। एक रिटायर्ड बीएसएफ जवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर ससुर और दामाद पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में महेंद्र उर्फ भोला गुर्जर की मौत हो गई। जबकि, सत्यभान गुर्जर गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से सरकारी भूमि पर रेत डालने को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे इसी मुद्दे पर दोनों गुट आमने सामने आ गए। पहले कहासुनी और गाली गलौज हुई लेकिन कुछ ही देर बाद मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि रिटायर्ड फौजी विष्णु दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई और पीड़ितों को रास्ते में घेर लिया।
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बताया जा रहा है कि महेंद्र उर्फ भोला गुर्जर और उसका दामाद सत्यभान गुर्जर पटरी रोड से गुजर रहे थे। उसी वक्त बाइक पर सवार हमलावरों ने उन्हें चारों ओर से रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने कट्टों और पिस्तौल से करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक खून बह जाने के कारण महेंद्र उर्फ भोला गुर्जर की मौत हो गई। वहीं, सत्यभान गुर्जर के शरीर में फंसी गोलियां निकालने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार ऑपरेशन में जुटी हुई है। उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद महाराजपुरा इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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