अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की चोरी के मामले से जुड़े विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। ट्रस्ट की आपात बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। साथ ही कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंप दी गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर परिसर के दान पात्रों से चढ़ावा चोरी के मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जिसके बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।
बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट के संविधान में स्पष्ट व्यवस्था है कि यदि कोई ट्रस्टी या पदाधिकारी अपना इस्तीफा देता है तो उसे तत्काल प्रभाव से स्वतः स्वीकार माना जाता है। इसी प्रावधान के तहत महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफे प्रभावी माने गए हैं।
बैठक के दौरान एक अन्य घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। जानकारी के अनुसार, बिना आमंत्रण ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे गोपाल राव को बैठक कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद से ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे माहौल में आयोजित आपात बैठक और उसमें लिए गए फैसलों को ट्रस्ट की ओर से विवाद के बीच उठाया गया महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।