भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं द्वितीय परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। बोर्ड ने मंगलवार शाम 4 बजे आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट जारी किया। मुख्य परीक्षा में असफल रहने, अनुपस्थित रहने या अपने अंकों में सुधार करने के उद्देश्य से इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र अब ऑनलाइन माध्यम से अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल विद्यार्थियों के लिए 11वीं कक्षा में प्रवेश का मार्ग खुल गया है।
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल द्वितीय परीक्षा में 1,44,787 नियमित परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 58,608 छात्रों ने सफलता हासिल की है। जबकि, कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 40.47 दर्ज किया गया है। नियमित विद्यार्थियों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में बेहतर रहा है। परीक्षा में शामिल 62,174 छात्राओं में से 27,710 ने सफलता प्राप्त की और उनका पास प्रतिशत 44.56 रहा। वहीं, 82,613 लड़कों में से 30,898 छात्र उत्तीर्ण हुए। जिससे उनका पास प्रतिशत 37.40 प्रतिशत रहा।
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नियमित विद्यार्थियों के परिणामों में 13,344 छात्रों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। इनमें 6,944 छात्राएं और 6,400 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 44,584 विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी तथा 680 छात्रों को तृतीय श्रेणी प्राप्त हुई। बोर्ड के अनुसार, 86,176 नियमित परीक्षार्थी परीक्षा में सफल नहीं हो सके। तीन विद्यार्थियों के परिणाम रोक दिए गए हैं। जबकि, एक पंजीकृत छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहा था।
प्राइवेट परीक्षार्थियों के परिणाम भी बोर्ड ने साथ ही घोषित किए हैं। इस श्रेणी में कुल 33,130 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। जिनमें 19,289 लड़के और 13,841 लड़कियां थी। इनमें से 9,590 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। जिससे कुल सफलता दर 28.94 प्रतिशत रही। निजी छात्राओं का प्रदर्शन यहां भी बेहतर रहा और उनका पास प्रतिशत 31.56 दर्ज किया गया। जबकि, लड़कों का पास प्रतिशत 27.06 प्रतिशत रहा। कुल 23,540 निजी अभ्यर्थी परीक्षा में असफल घोषित किए गए हैं।
प्राइवेट परीक्षार्थियों के श्रेणीवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो 128 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है। जिनमें 69 लड़के और 59 लड़कियां शामिल हैं। वहीं, 3,455 छात्रों ने द्वितीय श्रेणी और 6,007 विद्यार्थियों ने तृतीय श्रेणी में सफलता हासिल की है।
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यह परीक्षा मध्य प्रदेश में लागू नई मूल्यांकन व्यवस्था का हिस्सा है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पारंपरिक सप्लीमेंट्री परीक्षा प्रणाली के स्थान पर लागू किया गया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को पूरे साल का इंतजार किए बिना उन विषयों में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलता है जिनमें वे सफल नहीं हो पाए हों या जिनमें वे अपने अंक सुधारना चाहते हों। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा में प्राप्त अंकों में से बेहतर अंक को अंतिम परिणाम के रूप में स्वीकार किया जाता है।
इस साल द्वितीय परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 22 अप्रैल 2026 तक चली थी। छात्रों को विषयों की संख्या के आधार पर 500 रुपये से 2,000 रुपये तक परीक्षा शुल्क जमा करना पड़ा था। बोर्ड का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों पर शैक्षणिक दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करना है।
इससे पहले एमपी बोर्ड ने 15 अप्रैल 2026 को मुख्य हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। उस परीक्षा में नियमित विद्यार्थियों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 73.42 रहा था और राज्यभर से 8.97 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा था। नियमित छात्राओं का पास प्रतिशत 77.52 दर्ज किया गया था। जबकि, सरकारी विद्यालयों की सफलता दर 76.80 प्रतिशत और गैर सरकारी विद्यालयों की 68.64 प्रतिशत रही थी।
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मुख्य परीक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। अक्षरा घोड़ेश्वर और अभय गुप्ता ने 498 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया था। जिला स्तर पर अनूपपुर 93.85 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला रहा। जबकि, अलीराजपुर 92.14 प्रतिशत सफलता दर के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें वेबसाइट पर उपलब्ध Second Exam Result 2026 लिंक पर क्लिक कर रोल नंबर दर्ज करना होगा। परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होने के बाद छात्र उसे डाउनलोड कर सकते हैं और भविष्य में प्रवेश तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख सकते हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपलब्ध परिणाम केवल तत्काल जानकारी के लिए हैं। मूल अंकसूची और अन्य आधिकारिक दस्तावेज संबंधित विद्यालयों के माध्यम से बाद में उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, जो विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में भी सफलता प्राप्त नहीं कर सके हैं उनके लिए मध्य प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा बोर्ड की रुक जाना नहीं योजना एक वैकल्पिक अवसर के रूप में उपलब्ध रहेगी। जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे और दोबारा परीक्षा देकर शैक्षणिक सत्र बचा सकेंगे।
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