राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे कानपुर से इंदौर जा रही एक तेज रफ्तार बस भोपाल बायपास ब्रिज के कर्व पर अनियंत्रित होकर सेफ्टी वॉल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के ऊपरी स्लीपर हिस्से की खिड़कियां टूट गई और कई यात्री नीचे जा गिरे। हादसे में बस ड्राइवर और बेंगलुरु में पदस्थ साइबर इंस्पेक्टर रवि केबी (45) समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि, 12 यात्री घायल हुए हैं।

टक्कर के बाद कुछ यात्री ब्रिज पर ही गिर गए थे। जबकि, कुछ नीचे जा गिरे थे। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर शव बिखरे नजर आए। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को उपचार के लिए ब्यावरा के सिविल अस्पताल पहुंचाया।

मृतकों में शामिल साइबर इंस्पेक्टर रवि केबी अपनी टीम के साथ एक आरोपी को पकड़ने इंदौर आ रहे थे। हादसे में उनकी टीम के विश्वनाथ और रमेश नायक भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना में जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर और बेंगलुरु के यात्री शामिल थे। यात्रियों की संख्या और अन्य विवरण का अंतिम मिलान पुलिस व अस्पताल के रिकॉर्ड से किया जा रहा है।

ब्यावरा सिविल अस्पताल में घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। सुरेंद्र प्रताप सिंह, सुमन शर्मा, श्रीनिवास और केशव की हालत गंभीर बताई गई है। जिसके चलते उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया। इनमें सुरेंद्र प्रताप सिंह और सुमन शर्मा को भोपाल भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, केशव सिंह के इंटरनल ऑर्गन डैमेज हुए हैं।

जौनपुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि परिवार मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। बस को सुबह 8.30 बजे इंदौर पहुंचना था लेकिन देरी हो चुकी थी। अमित के मुताबिक, इसी वजह से ड्राइवर बस को काफी तेज गति से चला रहा था। ब्रिज के करीब 80 डिग्री के कर्व पर अचानक बस नियंत्रण से बाहर हुई और सेफ्टी वॉल से टकरा गई।

कानपुर निवासी घायल रवि शर्मा ने भी बस की रफ्तार तेज होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह पत्नी के साथ उज्जैन जा रहे थे और बस में लेटे हुए थे। अचानक जोरदार टक्कर हुई और कुछ समझ में आने से पहले ही हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शी आशीष चंद्रवंशी के मुताबिक, वह हाईवे के किनारे खड़े थे। अचानक तेज आवाज सुनाई दी और उन्होंने लोगों को ब्रिज से नीचे गिरते देखा। आशीष ने बताया कि तीन लोगों के नीचे गिरने के बाद मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, एक अन्य व्यक्ति ऊपर गिरा और उसकी भी जान चली गई।

हादसे की सूचना मिलते ही राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और एसपी अमित तोलानी ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचे। दोनों ने घायलों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली। राज्यमंत्री ने कहा कि ब्रिज के कर्व पर संकेतक लगाने और ब्रेकर की व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

एसपी अमित तोलानी ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह ओवर स्पीड सामने आ रही है। ब्रिज पर बने कर्व के कारण तेज रफ्तार बस के अनियंत्रित होने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।