रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी कृषि की परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब 19 अगस्त को 28 कृषि महाविद्यालयों में हुई फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की शिकायत सामने आई है। विश्वविद्यालय ने तेलीबांधा थाने में शिकायत देकर पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है।

विश्वविद्यालय को इस मामले की जानकारी बुधवार को एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में प्रकाशित खबर के बाद मिली। इसके बाद अखबार के पत्रकार ने IGKV के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को वॉट्सऐप पर एक PDF भेजी जिसमें फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के प्रश्नपत्र के सवालों के साथ उनके उत्तर भी मौजूद थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की। समिति ने शुरुआती जांच में उस कृषि महाविद्यालय से जुड़े प्रश्नपत्रों के लिफाफों की पड़ताल की जहां प्रश्नपत्र भेजे गए थे और परीक्षा के बाद उन्हें विश्वविद्यालय को वापस किया गया था।

जांच के दौरान समिति को कुछ लिफाफों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के प्रथम दृष्टया संकेत मिले। विश्वविद्यालय के मुताबिक, इनमें फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स का प्रश्नपत्र रखने वाला लिफाफा भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि छेड़छाड़ के ये संकेत उस पहले प्रश्नपत्र लीक मामले में मिले संकेतों से मिलते-जुलते हैं। जिसकी जांच पुलिस पहले ही कर चुकी है।

विश्वविद्यालय ने अपनी शिकायत के साथ अखबार में प्रकाशित खबर की प्रतियां, लीक प्रश्न और उत्तर वाली PDF, मूल प्रश्नपत्र और पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने भी शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब IGKV की परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर पहले से ही कार्रवाई चल रही है। दुर्ग जिले के एक निजी महाविद्यालय के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को 22 अगस्त को प्रश्नपत्र लीक के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले 20 अगस्त की सुबह बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने यह परीक्षा रद्द कर दी थी।

वहीं, 24 अगस्त को IGKV ने बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी यानी पादप रोग विज्ञान की परीक्षा भी निरस्त कर दी थी। यह परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित हुई थी। पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने इसे रद्द करने का फैसला लिया था।