भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा उप चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी के निर्दलीय राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने की संभावनाओं पर विराम लग गया है। नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन भोपाल के समाजसेवी राजकुमार लोहानी ने पर्चा भरा। निर्दलीय प्रत्याशी लोहनी को विपक्षी दल कांग्रेस ने समर्थन देने का भी ऐलान किया है।

राजकुमार लोहानी ने सोमवार को विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपना नामांकन जमा किया। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान विधायक आतिफ अकील, अभिजीत शाह, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल और कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

हेमंत कटारे ने कहा कि नामांकन दाखिल करने की सोमवार को अंतिम तारीख थी। राजकुमार लोहानी ने चुनाव में कांग्रेस विधायकों से सहयोग मांगा है। सभी कांग्रेस विधायकों ने उन्हें पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है। हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है।

कटारे ने कहा कि राजकुमार लोहानी और मध्यप्रदेश की जनता की दो प्रमुख भावनाएं हैं। पहली यह कि राज्यसभा का प्रत्याशी प्रदेश का स्थानीय व्यक्ति होना चाहिए। मध्यप्रदेश में योग्य लोगों की कमी नहीं है, ऐसे में बाहर के प्रत्याशी को क्यों थोपा जाए।

उन्होंने कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि हरदीप पुरी जैसे व्यक्ति को मध्यप्रदेश से चुनकर राज्यसभा नहीं भेजा जाना चाहिए। कटारे ने एपस्टीन फाइल्स को लेकर पुरी पर दबाव और ब्लैकमेलिंग के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही कोई दूसरा व्यक्ति इस पद पर जाए, लेकिन पुरी को राज्यसभा नहीं भेजा जाना चाहिए।

कटारे ने आशंका जताई कि जिस तरह मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म कथित तौर पर षड्यंत्रपूर्वक और गैर-संवैधानिक तरीके से निरस्त किया गया था, उसी तरह भाजपा के शासन-प्रशासन के दबाव में राजकुमार लोहानी का फॉर्म भी निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और चुनाव की निगरानी करने की मांग की। बता दें कि राजकुमार लोहानी भोपाल के पुराने शहर इलाके में घोड़ा नक्कास के रहने वाले हैं। वे हायर सेकेंडरी पास हैं और मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाते हैं।