भोपाल। राजधानी भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में सोमवार को एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी स्थित किराए के मकान में 50 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उनकी बहू और दो पोते-पोती के शव मिले। चारों के सिर और गले पर चोट के निशान थे। वहीं, परिवार के मुखिया नरेंद्र साहू (35) का शव सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कलां में रेलवे ट्रैक पर मिला। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि नरेंद्र ने पहले घर में चारों की हत्या की और फिर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मृतकों की पहचान नरेंद्र की मां सरस्वती साहू (50), पत्नी सोमलता साहू (29), बेटी कृति साहू (10) और बेटे खुश साहू (6) के रूप में हुई है। पुलिस को घर के अंदर दो शव बेड पर मिले। शुरुआती जांच के मुताबिक, वारदात देर रात या आधी रात के आसपास हुई हो सकती है।
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सोमवार सुबह नरेंद्र साहू का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना उसके एक रिश्तेदार को मिली। रिश्तेदार इसकी जानकारी देने मालीखेड़ी स्थित परिवार के घर पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और फोन पर भी किसी से संपर्क नहीं होने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर अंदर दाखिल हुई। वहां चारों परिजन मृत मिले। घर के भीतर का दृश्य देखकर पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की गई।
एसीपी निशातपुरा शशांक जैन के मुताबिक, पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिली है। इसमें नरेंद्र सोमवार सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच घर से बाहर जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस इस फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। यह भी जांच की जा रही है कि घर से निकलने से पहले क्या हुआ था।
डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला के मुताबिक, शुरुआती जांच में नरेंद्र पर कर्ज का दबाव होने और मानसिक तनाव से गुजरने की जानकारी सामने आई है। परिवार का पहले एक छोटा रेस्टोरेंट था लेकिन कुछ समय पहले वह बंद हो गया था। बताया जा रहा है कि नरेंद्र पिछले 15 से 20 दिनों से कोई काम भी नहीं कर रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आर्थिक तंगी और कर्ज का दबाव इस घटना की वजह बने या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
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साहू परिवार पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी के एलआईजी बी4 स्थित मकान नंबर 4 में रहता था। मकान मालिक रामसिंह भी भोपाल में असिस्टेंट लोको पायलट हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में यह मकान सोमलता साहू को 5 हजार रुपये मासिक किराए पर दिया था।
रामसिंह के मुताबिक, मकान किराए पर देते समय उन्होंने सोमलता का आधार कार्ड लिया था। सोमलता ने उन्हें बताया था कि उनके पति बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं और वह अपनी सास व दो बच्चों के साथ रहेंगी। वह हर महीने ऑनलाइन माध्यम से किराया भेजती थी। मकान मालिक ने बताया कि वह नियमित रूप से घर देखने नहीं जाते थे। पिछली बार वह मकान पर टीनशेड लगवाने के सिलसिले में गए थे। सोमवार दोपहर सोसायटी के एक व्यक्ति का फोन आने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। उस समय वह विदिशा में थे।
कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने बताया कि परिवार के लोग सामान्य और खुशमिजाज नजर आते थे। घर से अक्सर हंसी मजाक और बच्चों की आवाजें सुनाई देती थी। नरेंद्र अपने बच्चों और परिवार से काफी लगाव रखता था। बच्चों को कॉलोनी के दूसरे बच्चों के साथ खेलते हुए भी देखा जाता था। पड़ोसियों के साथ परिवार का कोई विवाद भी सामने नहीं आया था। महिला ने बताया कि अष्टमी के दौरान घर में हुए भजन कार्यक्रम में वह साहू परिवार के घर गई थी। घटना से एक दिन पहले सोमलता मंदिर में भी मिली थी। वहां दोनों के बीच सामान्य अभिवादन हुआ था।
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उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच पुलिस पहुंची थी। इससे पहले परिवार के दामाद वहां आए थे। घर की स्थिति देखकर वह चिल्लाते हुए कह रहे थे, 'सब खत्म हो गए, सब खत्म हो गए।' दामाद परिवार के घर के पीछे बनी मल्टी में रहते हैं। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर जांच कर रही है। पांचों की मौत के पीछे की पूरी परिस्थितियां पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।