शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के जयसिंहनगर वन क्षेत्र में रविवार रात करंट की चपेट में आने से एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल जांच शुरू कर दी गई है।

वन विभाग को रविवार रात सर्किल मसिरा के आरएफ 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव पड़े होने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने प्रारंभिक जांच शुरू की। इसी दौरान सोमवार तड़के उसी क्षेत्र में कुछ ही दूरी पर एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में एक-दूसरे के बेहद नजदीक मिले हैं। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों की मौत एक ही घटना के दौरान हुई है।

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प्रारंभिक जांच और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों में यह सामने आया है कि दोनों बाघों की मौत बिजली के करंट से हुई। जांच में खुलासा हुआ है कि एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछा रखा था। इसी अवैध तरीके से बिछाए गए तार की चपेट में आने से पहले बाघ और फिर बाघिन की मौके पर ही मौत हो गई।

डीएफओ तरुणा वर्मा ने दो बाघों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत बेहद गंभीर अपराध है। नियमानुसार दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। डॉग स्क्वॉड, फील्ड स्टाफ और अन्य विशेषज्ञ दल मौके पर तैनात हैं। मामले में संबंधित किसान की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल है।