नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत समेत दुनियाभर में LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है। मौजूदा संकट को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय (MEA) में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण LPG की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94 फीसदी पहुंच गई है। करीब 83 फीसदी रीफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के जरिए हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है।सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में करीब 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव जरूर है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दावा किया कि LPG सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है। 18 मार्च को करीब 57,000 रीफिल बुकिंग हुईं। सरकार ने कॉमर्शियल LPG उपभोक्ताओं से CNG पर शिफ्ट करने की अपील की और बताया कि कई कंपनियों ने इसके लिए इंसेंटिव भी घोषित किए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है।