भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी धार्मिक त्योहारों को देखते हुए राज्य पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल से जारी आदेश के तहत 18 मार्च से प्रदेशभर में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। वहीं, राजधानी भोपाल में नगर निगम ने नवरात्रि समेत प्रमुख पर्वों के दौरान मांस बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लागू कर दिया है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी पुलिसकर्मी बिना अनुमति अवकाश पर नहीं जा सकेगा। केवल बहुत ही जरूरी परिस्थितियों में ही छुट्टी दी जाएगी। इसके लिए उन्हें संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी अनिवार्य होगी। वरिष्ठ स्तर के मामलों में अवकाश की स्वीकृति डीजीपी स्तर से ही दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी पुलिस इकाइयों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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दरअसल, प्रदेश में नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, चैती चांद, रामनवमी, महावीर जयंती, बुद्ध जयंती और ईद जैसे बड़े धार्मिक त्योहार आने वाले हैं। इन मौकों पर जुलूस, धार्मिक आयोजन और भीड़भाड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी के मद्देनजर डीजीपी ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे।

आदेश सभी जोनल एडीजी, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, रेंज डीआईजी, जिला पुलिस अधीक्षक और रेल पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है ताकि पूरे प्रदेश में एक समान रूप से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्थिति से निपटने के लिए बल तैनात रहेगा।

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दूसरी तरफ भोपाल नगर निगम ने भी धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। निगम सीमा में शुक्रवार से मांस की सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। यह प्रतिबंध नवरात्रि, चैती चांद, रामनवमी, महावीर जयंती और बुद्ध जयंती के दौरान प्रभावी रहेगा। इस दौरान चिकन, मटन और अंडे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और शहर में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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