तेहरान। ईरान में एक व्यक्ति को इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में फांसी दी गई है। तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उसने देश के संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें और अहम जानकारी मोसाद को भेजी थी।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को पिछले साल जून में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था, जब ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन का युद्ध चल रहा था। उसे स्वीडन में ऑनलाइन भर्ती किया गया था और एक ट्रैवल लिंक के जरिए उससे संपर्क किया गया था।

बता दें कि इजरायल के साथ एक दशक से युद्ध में उलझे ईरान ने मोसाद से संबंध रखने और देश के अंदर उसके खुफिया ऑपरेशन को सुविधाजनक बनाने का आरोप लगाते हुए कई लोगों को मौत की सजा दी है। जब जब जंग छिड़ती है तब ऐसी फांसी की सजा में और तेजी आती है।

ईरान ने अपने बड़े नेता अली लारिजानी की मौत के बाद इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल अटैक किया है। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि उसने इजराइल पर 'खोर्रमशहर-4' जैसी मिसाइल दागी है। इजराइल का कहना है कि उसने कई मिसाइलों को हवा में रोक लिया, लेकिन कुछ शहरों में मलबा गिरने से हादसे हुए हैं जिनमें 2 लोगों की मौत हो गई।

ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत 100 से ज्यादा जगहों पर मंगलवार रात को मिसाइल अटैक किया। ईरान का कहना है कि यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और बसीज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला है। इसी बीच अमेरिका ने भी बड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की कोशिश में समुद्र किनारे बने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर करीब 2200 किलो वजनी खतरनाक बम गिराया, जो जमीन के अंदर बने ठिकानों को भी तबाह कर देता है।