नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच हुई विवादास्पद ट्रेड डील के विरुद्ध आज भोपाल के जवाहर चौक पर कांग्रेस ने 'किसान महाचौपाल' बुलाई है। इस किसान चौपाल को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कंप्रोमाइज्ड हैं और ये उनकी आंखों में दिखता है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। वे चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बात रखना चाहते थे। राहुल ने कहा, 'मैंने लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की बात रखी थी, उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीनी घुसपैठ हुई थी तो उन्हें हिंदुस्तान की सरकार ने अकेला छोड़ दिया।'
राहुल गांधी ने कहा, 'मोदी ने किसानों को खत्म किया। हमारा डेटा दिया। टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को खत्म किया। अब कहते हैं हम बांग्लादेश की मदद करेंगे। टेक्स्टाइल में जीरो परसेंट टैक्स लगाएंगे। हमारा मंत्री कहता है कि हिंदुस्तान अमरीका से कपास खरीदेगा तो टैक्स जीरो। ट्रंप कहता है कि हर साल हिंदुस्तान को नौ लाख करोड़ रुपए का माल अमरीका से खरीदना पड़ेगा। पांच साल के लिए। बात समझिए। ऐसे में हमारी इंडस्ट्री का क्या होगा?'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी ने दबाव में सब दे दिया। मैं पूछता हूं आपने लिया क्या? मुझे एक चीज बता दो। कुछ नहीं लिया। पहले से ज्यादा टैक्स हम देंगे। हमारा पहले कम था। हम कोई इंपोर्ट की गारंटी नहीं दी। मैं लिखकर दे सकता हूं, अगर मोदी पर दबाव और धमकी नहीं होती तो वे ऐसा नहीं करते।राहुल ने कहा, 'ये जो बेचा है अपनी छवि और राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए किया। लेकिन वे बच नहीं सकते। उनको कोई बचा नहीं सकता। मैं कांग्रेस के बब्बर शेरों से कहता हूं, आप किसी से डर नहीं सकते। आपने इंडस्ट्री बनाई, मोदी ने खत्म किया। आपको डरने की जरूरत नहीं है।'
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने देश को बेच दिया। ये बात बीजेपी और आरएसएस के सारे कार्यकर्ता के मन में है। वो जानते हैं कि नरेंद्र मोदी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। उनकी आंखों में देखिए आपको दिखेगा कि नरेंद्र मोदी को फंसा दिया गया है। उन्होंने ये डील की है। ये डील नहीं है, इनके दिल में तीर है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में एक और चीज हुई। वहां के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रंप टैरिफ को रद्द करेंगे और रद्द कर दिया। बाकी देशों ने भी कर दिया, लेकिन नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मैं चैलेंज करता हूं नरेंद्र मोदी को।'
राहुल गांधी ने कहा, 'दम है तो आप अमरीका और यूएस की डील को रद्द करके दिखा दीजिए। ये नहीं कर सकते हैं क्योंकि अडाणी का केस है। एपस्टीन की धमकी है। सिर्फ किसानों को नहीं, 21वीं सदी में सबसे जरूरी चीज डेटा है। जिसके पास डेटा है, वो जीतेगा, जिसके पास डेटा नहीं है वो खत्म हो जाएगा।'
राहुल ने कहा, 'दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा हिंदुस्तान के पास है। दूसरे नंबर पर चाइना है। हिंदुस्तान के डेटा के बिना चाइना का मुकाबला अमरीका नहीं कर सकता है। इस डील में छोटी सी स्क्रिप्ट में मोदी ने पूरा डेटा अमरीका के हवाले कर दिया। ये डील चार महीने से रुकी हुई थी। लोकसभा से नरेंद्र मोदी भागते हुए गए। आप गडकरी जी, शिवराज जी से पूछिए। क्या किसी से बात की उन्होंने। नरेंद्र मोदी ने चार महीने कुछ नहीं किया और फिर एकदम फोन किया और हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हमारा सारा डेटा दे दिया।'
कांग्रेस नेता ने कहा, 'पहला कारण अमेरिका में लाखों फाइल, एपस्टीन की फाइल बंद पड़ी हुई हैं। तीस लाख फाइल। उसमें ईमेल है। मैसेज हैं। वीडियो हैं। सबकुछ है। वो रिलीज नहीं हुई हैं। बंद पड़ी हैं। धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज किया है। ये मैसेज है कि भैया आपने हमारी बात सुनी नहीं तो फिर उन फाइलों में से माल निकलेगा। भाइयो–बहनाें अनिल अंबानी मेरा मित्र नहीं है। नरेंद्र मोदी जी आप बताइए अनिल अंबानी से आपका रिश्ता क्या है? अनिल एपस्टीन फाइल मे है। दूसरा कारण– मैं अभी गाड़ी में आ रहा था। देखा अडाणी आईसीसी, जहां भी देखो अडाणी। ये जो अडाणी है मामूली कंपनी नहीं है। ये बीजेपी का नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। दूसरी धमकी है कि अमरीका में अडाणी पर क्रिमनल केस है। अडाणी अमरीका नहीं जा सकते हैं। डरे हुए हैं कि मैं गया तो पकड़ लेंगे। दरअसल, उस केस का लक्ष्य अडाणी नहीं, नरेंद्र मोदी है। वो तीर अडाणी की तरफ नहीं, नरेंद्र मोदी की तरफ मारा जा रहा है।'
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं संसद में ये बोलने की कोशिश कर रहा था, बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने अमित शाह की तरफ देखा और शाह खड़े हो गए। मुझे बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने देश को बेच दिया। अगले दिन मैं किताब लाया, कहा– किताब नहीं दिखा सकते। मैंने कहा बोलना है तो जवाब मिला बोलने नहीं देंगे। चार–पांच घंटे मुझे रोका। मगर बैकग्राउंड में एक और चीज चल रही थी। चार महीने के लिए हिंदुस्तान और अमरीका का समझौता रुका हुआ था। कृषि के मामले पर रुका था।'
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमरीका की बड़ी–बड़ी कंपनियां, सोया, कपास, भुट्टा हिंदुस्तान में बेच पाएं। हिंदुस्तान का कोई किसान और नेता नहीं चाहता। चार महीने चर्चा बंद पड़ी थी। मैंने भाषण दिया। उसमें मैं सिर्फ नरवणे की बात नहीं कहना चाहता था। दो–तीन चीजें और कहने वाला था। मेरा भाषण खत्म होते ही पीएम गए और बिना कैबिनेट से पूछे उसी दिन ट्रंप को फोन लगाया। ट्रंप ने ट्वीट किया है कि हिंदुस्तान के पीएम ने मुझे फोन किया। कह दिया कि यूएस इंडिया डील को मैं साइन करने को तैयार हूं।
राहुल गांधी ने कहा, 'राजनाथ सिंह, पीएम को फोन करते हैं। पीएम ने उनसे बात नहीं की। वो छिप गए अपने कमरे में और रक्षा मंत्री से कहते हैं कि आर्मी चीफ को बताओ जो वो उचित समझें वो करें। आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखता है कि उस दिन मुझे हिंदुस्तान की सरकार ने पीएम ने अकेला छोड़ दिया। मैं संसद में ये बोलने की कोशिश कर रहा था, बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने अमित शाह की तरफ देखा और शाह खड़े हो गए। मुझे बाेलने नहीं दिया गया। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी बच नहीं सकते। उन्हें कोई शक्ति नहीं बचा सकती।'