मध्य प्रदेश में मानसून अब विकराल रूप ले चुका है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश से नदी नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए अगले तीन दिनों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। सबसे गंभीर स्थिति भिंड जिले में बनी हुई है। वहां अत्यधिक बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार हो रही बारिश का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 10 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है। जबकि, पुल और पुलियाएं पानी में डूबने से आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी तेज बारिश की संभावना व्यक्त की है।
राजधानी भोपाल सहित महाकौशल और निमाड़ क्षेत्र के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ में हल्की बारिश का अनुमान है। इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और देवास में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा और सतना जिलों में भी हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।