गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस पर हमले के बाद पुलिस अधीक्षक ने चांचौड़ा थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया है। सोमवार को पेंची गांव में पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद यह एक्शन लिया गया है। उधर, फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं। अभी तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

दरअसल, यह मामला 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ा है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती पेंची निवासी मीना समाज के युवक के साथ फरार हो गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम-विवाह कर लिया था। चाचौड़ा पुलिस ने लड़की को बरामद करने के बाद One Stop सेंटर में शिफ्ट कर दिया था। लड़की के परिजन इसी बात से नाराज थे कि पुलिस ने लड़की को महिला आश्रम में क्यों भेज दिया परिजनों को क्यों नहीं सौंपा गया?

लड़की के परिजनों ने लड़के के घर पर आग लगाने और NH46 पर चक्काजाम लगाने की प्लानिंग बनाई। लड़की के परिजन पेची गांव के मंदिर में जुटे तो पुलिस भी एक्टिव हो गई। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने मंदिर में एकजुट हुए युवती के परिजनों की तस्वीर ले ली, जिसे देखकर युवती के परिजन भड़क गए। युवती के परिजनों ने पुलिसकर्मी पर लाठी से हमला कर दिया। जिसके चलते कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। 

ग्रामीणों ने पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र ओझा को बंधक भी बना लिया। इसी दौरान दूसरे पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव किया तो उनके ऊपर भी जानलेवा हमला कर दिया गया। पुलिस को NH 46 पर दौड़ा दौडाकर पीटा गया जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। यह गांव भाजपा विधायक प्रियंका पेंची का है। इस हमले में प्रधान आरक्षक मंगलसिंह तोमर और एसएएफ के एक एएसआई सहित कई जवान घायल हुए थे। घायल पुलिसकर्मियों और एसएएफ जवानों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस मामले में एसपी अंकित सोनी ने एक्शन लेते हुए चांचौड़ा थाना प्रभारी टीआई मनोज मेहरा को लाइन अटैच कर दिया है। एसपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि निरीक्षक मनोज कुमार मेहरा, थाना प्रभारी चांचौडा द्वारा समय रहते स्थिति का सही आकलन नहीं किया और युवती के परिजनों के विरोध को दृष्टिगत रखते हुए न तो स्वयं मौक पर पहुंचे और न ही समुचित बल मौके पर पहुंचाया। उनके द्वारा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में प्रदर्शित की गयी इस गंभीर लापरवाही के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन, गुना संबद्ध किया जाता है।