राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में गर्मी ने अचानक तेवर दिखा दिए हैं। भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुरम और सागर संभाग के कई शहरों में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 11 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। जबकि, नर्मदापुरम में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर जिलों में लू चलने की संभावना है। इन इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं। जिसकी वजह से जनजीवन प्रभावित होने के आसार हैं।
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गुरुवार को भी प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया था। औसतन पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रहा था। नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा था। वहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। छतरपुर के खजुराहो में 43.4 डिग्री और नौगांव में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ था।
अन्य जिलों में भी गर्मी का असर साफ दिखा। सीधी में 42.6 डिग्री, दतिया, दमोह, सागर और टीकमगढ़ में 42.2 डिग्री, रायसेन और रतलाम में 42 डिग्री, सतना में 41.8 डिग्री, मंडला में 41.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके अलावा गुना और रीवा में 41.5 डिग्री, नरसिंहपुर और खरगोन में 41.4 डिग्री, श्योपुर में 41.2 डिग्री, शाजापुर, खंडवा और दतिया में 41.1 डिग्री तथा उमरिया में 41 डिग्री तापमान रहा था।
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प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो जबलपुर में 41.6 डिग्री, भोपाल में 41 डिग्री, ग्वालियर में 40.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
गर्मी का असर सिर्फ दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी महसूस किया जा रहा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री के बीच बना हुआ है। नर्मदापुरम में रात का तापमान 27 डिग्री तक पहुंच गया है। जिसकी वजह से यहां वॉर्म नाइट की स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। यह स्थिति तब मानी जाती है जब रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक अधिक हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर बना रहे। फिलहाल प्रदेश में सीवियर वॉर्म नाइट की स्थिति नहीं है।
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हालांकि, राहत की उम्मीद भी नजर आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 अप्रैल को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण होगा।
तेज गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में धूप से बचने की अपील की गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल और मई गर्मी के चरम महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है। इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई थी लेकिन फरवरी और मार्च में कई बार मौसम बदल गया था। फरवरी में चार बार बारिश, ओलावृष्टि और आंधी आई थी। जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ था। मार्च में भी चार चरणों में मौसम बदला था। उस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में बारिश और 17 जिलों में ओले गिरने की घटनाएं सामने आई थी। जिसकी वजह से गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुई थी।
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