मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सतना, मैहर और उमरिया में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश से लोगों को राहत मिली। जबकि, श्योपुर में आंधी के दौरान एक होटल का DJ शेड उड़ने से करीब 15 लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
गुरुवार सुबह सतना और मैहर में मौसम तेजी से बदला। तेज हवाओं के साथ काले बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। जिससे 43 डिग्री तक पहुंच चुकी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। उमरिया में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, रीवा संभाग में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
श्योपुर में देर रात आई तेज आंधी हादसे का कारण बन गई। होटल राधिका विलास में लगे DJ का शेड तेज हवा में उड़ गया। इसकी चपेट में आकर करीब 15 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को रात में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उससे गुजर रही ट्रफ लाइन के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। इसके चलते ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
हालांकि, प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में तापमान ऊंचा बना हुआ है।
बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री और टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री तापमान रहा। वहीं, भोपाल में पारा 43.7 डिग्री तक पहुंच गया जो अप्रैल महीने में 2019 के बाद सबसे अधिक है। इंदौर में 40.1, ग्वालियर में 39.4, उज्जैन में 40 और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने वाला है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। फिलहाल लू के खतरे को देखते हुए लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अलग-अलग उपाय भी कर रहे हैं। देवास में एक बारात के दौरान बारातियों को गर्मी से बचाने के लिए ट्रालियों पर करीब 20 कूलर लगाए गए।
मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि अप्रैल और मई आमतौर पर सबसे गर्म महीने होते हैं और इस बार भी अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी का दौर जारी है।