विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के स्टील प्लांट में सोमवार को हुए भीषण औद्योगिक हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि, कई अन्य कर्मचारी घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला हुआ लोहा अचानक मजदूरों पर गिर गया। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल ने तत्काल राहत अभियान शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

घटना उस समय हुई जब क्रेन की सहायता से पिघले हुए लोहे से भरा एक बड़ा कंटेनर प्लांट के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और उसमें मौजूद अत्यधिक गर्म मोल्टन आयरन नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर जा गिरा। वहीं, कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी आशंका जताई गई है कि पिघले लोहे से भरी कंटेनर में विस्फोट होने के बाद यह दुर्घटना हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद प्लांट में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे थे। जबकि, प्लांट की आपातकालीन टीम और राहतकर्मी मौके पर पहुंचकर आग और अन्य जोखिमों को नियंत्रित करने में जुट गए। घायल कर्मचारियों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। वहां उनका उपचार जारी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने विशाखापट्टनम के जिला कलेक्टर और शहर के पुलिस आयुक्त से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उनके जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, गृह मंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और दुर्घटना स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह स्वयं भी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गई और लगातार अधिकारियों के संपर्क में रही।

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हादसे के बाद मजदूर संगठनों ने भी घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। मजदूर यूनियन के नेता एन. अयोध्याराम ने कहा कि शुरुआती तौर पर उन्हें आशंका है कि आग किसी विस्फोट के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मृतकों में ठेका श्रमिक शामिल हैं या नियमित कर्मचारी।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने और राहत कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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