भोपाल। राजधानी भोपाल में पांच दिन से लापता जिला न्यायालय के अधिवक्ता विशाल रमणानी का शव शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर मिला। विशाल 5 अक्टूबर की रात घर से निकले थे। जिसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। शव मिलने के बाद जीआरपी ने मर्ग कायम कर लिया है। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद हो सकेगा।

विशाल रमणानी पिता जय किशन रमणानी ईरानी मार्केट स्थित मकान नंबर 11 में रहते थे। वह भोपाल जिला न्यायालय में वकालत करते थे। उनकी बहन गरिमा रमणानी भी पेशे से अधिवक्ता हैं। विशाल के अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और हनुमानगंज थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

परिजनों के अनुसार, 5 अक्टूबर को विशाल शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच घर पहुंचे थे। रात लगभग 10:30 बजे जब उनकी बहन गरिमा घर लौटीं तब तक विशाल बाहर घूमने के लिए निकल चुके थे। इसके बाद परिवार को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।

बताया गया कि रात करीब 11 बजे विशाल को उनके दोस्त राजू सरदार के साथ कॉलोनी में घूमते हुए देखा गया था। करीब एक घंटे बाद, रात 12 बजे जब परिजनों ने उन्हें फोन किया तो उनका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई और उनकी तलाश तेज कर दी गई।

विशाल की तलाश के दौरान उनका मोबाइल घर के पास खड़ी एक्टिवा की डिग्गी में मिला। हालांकि, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर हनुमानगंज पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

शनिवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रैक पर विशाल का शव मिलने की सूचना सामने आई। पांच दिन से लापता अधिवक्ता की मौत की खबर से मामले में नया मोड़ आ गया है। शव मिलने के बाद जीआरपी ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।