उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन में त्योहारों से पहले खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को इंदौर रोड स्थित सांवरिया परिसर की पालीवाल डेयरी में जांच के दौरान 33 किलो पनीर और 80 किलो मावा जब्त किया गया। अधिकारियों को पनीर के सामान्य डेयरी उत्पाद के बजाय एनालॉग पनीर होने की आशंका है। दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

खाद्य विभाग की टीम ने पालीवाल डेयरी के कोल्ड रूम का निरीक्षण किया था। वहां रखे पनीर और मावे की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर दोनों को जब्त कर नमूने लिए गए। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 31 हजार रुपये है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि पनीर निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं और इसे बनाने में किन सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

खाद्य अधिकारी बसंत शर्मा के अनुसार, विभाग ने पहले किसी अन्य स्थान से जब्त किए गए मावे की सप्लाई चेन की जांच शुरू की थी। इसी जांच के दौरान पालीवाल डेयरी का नाम सामने आया। इसके बाद टीम ने डेयरी को जांच के दायरे में लेते हुए वहां निरीक्षण किया। संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने के बाद उसे जब्त कर लिया गया।

खाद्य विभाग ने बुधवार को भी उज्जैन में दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी। टीम ने आनंद नगर स्थित श्री कृष्णा डेयरी और फव्वारा चौक स्थित श्री राजेंद्र ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया। यहां प्योरा श्योर ब्रांड के देसी घी का बड़ा स्टॉक मिला। जांच के बाद विभाग ने करीब 876 किलो घी जब्त किया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 8 हजार रुपये बताई गई है।

लगातार हो रही कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग अब त्योहारों के दौरान दूध, घी, मावा और पनीर जैसे ज्यादा खपत वाले उत्पादों पर विशेष नजर रख रहा है।

पालीवाल डेयरी से लिए गए पनीर और मावे के नमूने भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित सप्लायर और प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य विभाग के अनुसार, त्योहारों के समय इन उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए डेयरियों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।