नई दिल्ली। संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जैसे ही डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर बोलना शुरू किया सदन में सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दरअसल, राहुल गांधी ने डोकलाम पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे को कोट करते हुए बोलना शुरू किया। इस पर राजनाथ सिंह खड़े हो गए और सत्तापक्ष के अन्य सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से ऑथेंटिंकेट करने के लिए कहा। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ ने सवाल किया कि जिस किताब की बात कर रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है कि नहीं हुई है।

राहुल गांधी ने कहा, 'आप सब ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। 4 चीनी टैंक डोकलाम में भारत की धरती पर आ रहे थे। वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे।' राहुल की 46 मिनट की स्पीच में उन्हें करीब हर लाइन पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, किरेन रिजिजू, निशिकांत दुबे और स्पीकर समेत अन्य सांसद टोकते नजर आए।

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राहुल जी आप सदन में नेता विपक्ष हैं। सांसद प्रियंका ने एक बात कही थी तो उन्होंने ऑथेंटिक स्तर पर प्रस्तुत किया था। आपसे भी यही अपील है। इसपर राहुल ने कहा कि ये सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल बताएं कि क्या यह प्रकाशित हुआ है या नहीं केवल इतना बताएं। जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि नरवणे की किताब में रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री का जिक्र है। मैं वही बता रहा हूं।

राहुल गांधी ने कहा कि ये सब जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जो 2019 से 2022 तक चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे हैं ने कहा है। लेकिन उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है। इसपर अमित शाह ने कहा है राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। अब बात ही खत्म हो जाती है। जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं। वहीं स्पीकर ओम बिरला ने माइक का कंट्रोल बंद करने का निर्देश दिया।

इसी तरह राहुल गांधी की स्पीच पर करीब 46 मिनट सदन में हंगामा हुआ। इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल संसद भवन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में मीटिंग करने पहुंचे।

इस पूरे घटनाक्रम पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि तेजस्वी सूर्या जैसा कोई भी खड़ा होकर कुछ भी कह सकता है और उसकी तारीफ़ होती है। और फिर, जब हम विपक्ष के तौर पर कुछ कहने के लिए खड़े होते हैं, तो हमारे अधिकार छीन लिए जाते हैं और हमें बताया जाता है कि इस पर एक नियम है। वह कह रहे हैं कि नियम 349 कहता है कि आप सदन के कामकाज के अलावा कुछ भी नहीं कह सकते। आज सदन के कामकाज में राष्ट्रपति का अभिभाषण है, और राष्ट्रपति हर चीज़ के बारे में बात करते हैं। क्या आप मुझसे कह रहे हैं कि भारत-चीन संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-पाकिस्तान संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-अमेरिका संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? हमें किस बारे में बात करनी चाहिए? बैठ जाएं और जय प्रधानमंत्री करें? क्या हमें सदन में बस यही करना चाहिए?