बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद आसपास के राज्यों में भी मौसम बिगाड़ रहा है। तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई इलाकों में भारी बारिश हुई। इसके असर से रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। करीब 50 ट्रेनों के साथ विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से जुड़ी 21 फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 9 राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

तूफान का असर ओडिशा में भी व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। निचले इलाकों में बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के चलते राहत एजेंसियों को सतर्क रखा गया है।

चक्रवात के प्रभाव से विशाखापट्टनम में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई। 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक लगभग 18 घंटे में यहां 200 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा। यह मात्रा जुलाई में होने वाली औसत बारिश 133 मिलीमीटर से डेढ़ गुने से भी ज्यादा है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

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NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला के मुताबिक, चक्रवात तट से पूरी तरह टकरा चुका है। हवा की रफ्तार में कमी आने के आधार पर इसकी श्रेणी को अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान से घटाकर भीषण चक्रवाती तूफान कर दिया गया है। अनुमान है कि तूफान दोपहर तक कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ जाएगा। इसके बाद शाम तक इसके और कमजोर होकर गहरे दबाव में बदलने की संभावना है। प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मिलकर लोगों की मदद कर रही हैं।

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा ने बताया कि रायगडा में 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां की हैं। NDRF, ODRF और सिंचाई विभाग समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें तैनात की गई हैं। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कहते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं।

चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, 28 और 29 अक्टूबर को तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की आशंका है।

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इसके अलावा झारखंड और बिहार दोनों राज्यों में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश का अनुमान है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। जबकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा दोनों राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।