नई दिल्ली। राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SIT जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT के हवाले से बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि 105 बार चंदा चोरी की घटना हुई। इस दौरान अदालत को बताया गया कि अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चंदा चोरी के क्या सबूत मिले हैं। उपलब्ध सबूतों को अदालत के समक्ष रखा भी गया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट को जांच की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच कर आरोपियों की पहचान की है। चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार होती हैं और सामान SBI के लॉकर में रखा जाता है। कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।

इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राइमरी जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं थीं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखे थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी SIT बनाई गई है, जो जांच कर रही है। SIT जांच में अब 105 बार चोरी की बात बताई गई है। 

सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर देगी। सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने SIT रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे देने से इनकार कर दिया। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती। जरूरत पड़ने पर कोर्ट आगे की जांच के संबंध में आदेश जारी कर सकता है।