भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में जनता के मताधिकार को छीना जा रहा है और भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर वोट चोरी कर रही है। सिंघार ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

बुधवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए सिंघार ने कहा कि जनता के वोट पर डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जननायक राहुल गांधी देश की आधी से ज्यादा आबादी की आवाज बनकर लोकतंत्र और मताधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार को उनकी बात सुननी ही पड़ेगी। उमंग सिंघार ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसने वोट चोरी नहीं की है, तो EVM हटाकर चुनाव कराकर देख ले, सब पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उन सभी लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं, जो मौजूदा सरकार से परेशान हैं और जिनके वोट चोरी हुए हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, लेकिन बार-बार इससे जुड़ी जानकारियां छिपाई जाती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करना चाहती है। सिंघार ने आयोग से मतदाता सूची से जुड़ी हर जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी पर FIR देश की 140 करोड़ जनता पर FIR के समान है। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे राहुल गांधी 100 FIR भी झेलने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए सिंघार ने कहा कि पर्ची वाले मुख्यमंत्री को जनादेश का अर्थ क्या पता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश की आधी से ज्यादा आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जो खुद पर्ची निकलने पर मुख्यमंत्री बने हों, उनके लिए जनादेश की बात न करना ही बेहतर है।