नई दिल्ली में मंगलवार 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के 19 विपक्षी दलों के सांसद विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकालेंगे। सांसद संसद से करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचेंगे। विपक्ष ने इस प्रदर्शन को सेव डेमोक्रेसी मार्च नाम दिया है। गठबंधन के करीब 150 सांसदों के इसमें शामिल होंगे।

मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल होंगे। हालांकि, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK ने इस मार्च से दूरी बना ली है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 5 अक्टूबर को कहा था कि पार्टी की तीन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा। इनमें CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है। खड़गे ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सहयोगी दल देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

विपक्ष SIR के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहा है। खड़गे ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर अलग रुख रखा गया है और इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बताया गया है।

30 सितंबर को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कई मांगें तय की गई थी। विपक्षी दलों ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़ी पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जानी चाहिए। किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस देने और अपील का अवसर देने की मांग भी रखी गई।

विपक्ष ने यह भी मांग की है कि भविष्य के चुनावों में SIR लागू करने से पहले मौजूद मतदाता सूची को आधार बनाया जाए। इसके अलावा EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान बनाने की मांग रखी गई है। गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील भी की है।

मंगलवार के मार्च में शामिल होने वाले INDIA ब्लॉक के 19 दलों के पास लोकसभा में कुल 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, केरल कांग्रेस (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और केरल कांग्रेस (जोसेफ) शामिल हैं। 30 सितंबर की बैठक में इन दलों के नेताओं ने आगे के आंदोलन को लेकर साझा रणनीति तय की थी।

विपक्षी सांसदों ने इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। उस समय प्रदर्शन मुख्य रूप से बिहार की मतदाता सूची में SIR को लेकर था। मार्च को दिल्ली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया था और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया था।

अब करीब एक साल बाद विपक्ष ने एक बार फिर चुनाव आयोग की ओर मार्च का कार्यक्रम बनाया है। इस बार प्रदर्शन का दायरा SIR के साथ CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव में बैलेट पेपर की वापसी जैसी मांगों तक बढ़ गया है।

30 सितंबर की बैठक में INDIA ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में सेव डेमोक्रेसी मार्च और जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया था। इसके अलावा विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी मांगें रखने और SIR से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज करने की मांग उठाने की रणनीति भी बनाई है। गठबंधन ने आगे दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने का भी ऐलान किया है।