नई दिल्ली। संसद मार्ग से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान पुलिस और विपक्षी सांसदों में जबरदस्त टकराव देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कुछ अन्य समर्थकों के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर तक पहुंचने के प्रयास में आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं और अन्य सांसदों को सुरक्षा कर्मियों ने नीति आयोग कार्यालय के पास संसद मार्ग पर रोक दिया था। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को तीन बार रोका। इस दौरन राहुल हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड्स पर चढ़ गए। राहुल 'ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो' का पोस्टर लिए दिखे। चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले पांच दिनों में सातवां प्रदर्शन है।
राहुल-प्रियंका को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया, तो वे उतरकर आकाशवाणी बिल्डिंग में घुस गए। राहुल-प्रियंका आकाशवाणी कैंपस में धरने पर बैठे हैं। आकाशवाणी से आयोग का ऑफिस 270 मीटर दूर है। विपक्ष ने नई संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन को अब तक ढाई घंटे हो चुके हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए लोगों के अधिकार छीन रही है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
खड़गे ने कहा कि जिस तरह से सत्ता हासिल की गई, वह उचित नहीं था और इसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर देश में नौ राज्यों की विधानसभाएं भंग की जा सकती हैं, तो यहां की अवैध व्यवस्था भी खत्म होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी।
उधर, अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष हैं तो उन्हें हमारी बात सुननी चाहिए। यह लोकतंत्र बचाने की बात है। पुलिस को बच्चों के साथ और प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।