अमरनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से भरी एक बस जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई। गुंड क्षेत्र के हरिगनीवान इलाके में 'एस-मोड़' के पास बस चालक का नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद वाहन गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। थाना प्रभारी रईस अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बचाव दल को तुरंत सक्रिय किया गया। खाई में गिरी बस से यात्रियों को सुरक्षित निकालना बेहद कठिन था, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य को तेजी से अंजाम दिया।
बचाव अभियान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मौके पर बुलाया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस राहत अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वय के साथ काम किया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 118वीं बटालियन, 2 असम राइफल्स, 21 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और यात्रा पुलिस के जवानों ने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से घायलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
इस हादसे में 40 श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिसमें से 14 मध्य प्रदेश से बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उप जिला अस्पताल कंगन से एसकेआईएमएस (SKIMS) सौरा, श्रीनगर रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायलों को मल्टीपल इंजरी एवं हेड ट्रॉमा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस मध्य प्रदेश के मंदसौर से यात्रियों को लेकर आई थी और वापस लौट रही थी। घायलों में 14 लोग मध्य प्रदेश व 22 राजस्थान से हैं।
मामले पर मंदसौर एडीएम एकता जायसवाल ने बताया कि श्रीनगर से बस के दुर्घटना होने की जानकारी मिली है। बस मंदसौर से निकली थी, इस वजह से पटवारी और क्षेत्र के तहसीलदार को गांव गुर्जर बढ़िया भेज कर बस में सवार लोगों की जानकारी ली गई है। फिलहाल सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। श्रीनगर पुलिस से भी संपर्क किया गया है।