बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में अवैध गांजा खेती के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 6 हजार से अधिक गांजे के पौधे जब्त किए हैं। वरला थाना क्षेत्र के चार अलग-अलग खेतों में की गई इस कार्रवाई में बरामद पौधों का कुल वजन 10 क्विंटल से ज्यादा बताई गई है। पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी है। जिन खेतों में फसल मिली वे वन अधिकार पट्टे की जमीन पर स्थित बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद संबंधित आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक बड़वानी पद्मविलोचन शुक्ल के मुताबिक, वरला थाना पुलिस को क्षेत्र के कुछ खेतों में प्रतिबंधित गांजे की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि और कार्रवाई के लिए करीब 70 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को शामिल करते हुए टीम बनाई गई थी। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर चार खेतों की तलाशी ली। वहां बड़ी संख्या में गांजे के पौधे उगाए गए थे।
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कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सभी खेतों से 6 हजार से अधिक पौधे अपने कब्जे में लिए हैं। जब्त पौधों का वजन 10 क्विंटल से अधिक बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध फसल मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके पीछे जुड़े लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
जांच में यह पहलू भी सामने है आया कि जिस जमीन पर गांजे की खेती की जा रही थी वह वरला थाना क्षेत्र में वन विभाग खरगोन की सीमा में आती है। पुलिस ने सीरवेल वन क्षेत्र के अधिकारियों से जमीन से संबंधित जानकारी ली। इसके बाद पता चला कि संबंधित जमीन वन अधिकार पट्टे के तहत आवंटित है। अब पुलिस यह पता कर रही है कि पट्टा किस व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया था और उस जमीन पर अवैध फसल किसकी निगरानी में तैयार की जा रही थी।
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पुलिस ने इस मामले में वरला थाने में प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेती केवल स्थानीय स्तर पर की जा रही थी या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है।