नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी के सभी सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। हाथ में तख्तियां लिए और 'चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़' तथा 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' के नारे लगाए।

संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला और राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी को युवाओं के भविष्य से जोड़ दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि मूल मुद्दा यह है कि जो लोग श्रद्धा से चढ़ाए गए दान और 'दान-पात्र' की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रहे, उनसे कोई पेपर लीक रोकने या परीक्षाएं रद्द होने से बचाने की उम्मीद कैसे कर सकता है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जो लोग करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, वे ही देश के युवाओं के भविष्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं और वर्तमान सरकार खुद सबसे बड़ा संकट बन चुकी है। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि यह मामला देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों लोगों की आस्था से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि दानपात्र से गायब हुई विशाल धनराशि का ब्योरा जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए। रामगोपाल यादव ने दावा किया कि मंदिर के नाम पर चोरी का यह सिलसिला साल 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के समय से ही चल रहा है, जबकि वर्तमान में सामने आए आंकड़े तो महज 45 से 50 दिनों के भीतर की चोरी के हैं।