भारत 15 अगस्त को अपने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का 600वां मुकाबला खेलने वाला है। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज का पहला मैच सुबह 10 बजे शुरू होगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है। भारत ने अपना पहला टेस्ट साल 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला था। अब 94 साल बाद टीम 600वें टेस्ट के मुकाम तक पहुंच गई है। इस खास मुकाबले में टीम की कमान संभाल रहे शुभमन गिल ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया है।
भारत 15 अगस्त को अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास का 600वां मुकाबला खेलने वाला है। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज का पहला मैच सुबह 10 बजे शुरू होगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है। भारत ने अपना पहला टेस्ट साल 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला था। अब 94 साल बाद टीम 600वें टेस्ट के मुकाम तक पहुंच गई है। इस खास मुकाबले में टीम की कमान संभाल रहे शुभमन गिल ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया है।
भारत के लिए यह सीरीज सिर्फ 600वें टेस्ट की वजह से महत्वपूर्ण नहीं है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में टीम फिलहाल 48.15 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। श्रीलंका 41.67 प्रतिशत के साथ छठे नंबर पर है। जबकि, बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
यह भी पढ़ें:MP में मानसून का नया स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, खरगोन में साटक जलाशय ओवरफ्लो
गिल के मुताबिक WTC में मजबूत वापसी के लिए भारत को आने वाले मुकाबलों में करीब 6 से 7 टेस्ट जीतने की जरूरत होगी। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज इसलिए बेहद अहम है। भारत अगर दोनों मुकाबले जीत लेता है तो उसके खाते में 24 अंक जुड़ेंगे और पॉइंट्स प्रतिशत करीब 57.58 तक पहुंच सकता है। वहीं, पहला टेस्ट जीतने और दूसरा ड्रॉ रहने की स्थिति में यह आंकड़ा 51.51 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।
सीरीज से पहले शुभमन गिल ने खिलाड़ियों को पर्याप्त तैयारी का समय मिलने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में पहुंचते ही टेस्ट क्रिकेट की चुनौती के लिए खुद को ढालना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, किसी टेस्ट सीरीज से पहले करीब एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी टीम के लिए काफी उपयोगी रहती है।
गॉल की परिस्थितियां भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। यहां की पिच को स्पिन गेंदबाजी के अनुकूल माना जाता है। भारत अपने श्रीलंका दौरे पर ग्रासी पिच पर वॉर्मअप मुकाबला भी खेल चुका है। जबकि, गॉल में स्पिनर्स का प्रभाव काफी ज्यादा रहा है। इस मैदान पर खेले गए 49 टेस्ट मैचों में करीब 68 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए हैं।
यह भी पढ़ें:हॉकी वर्ल्ड कप: पहली बार एक साथ होगी महिला-पुरुष टूर्नामेंट, 15 अगस्त से शुरू होगा महासंग्राम
भारतीय टीम में अनुभव का मिश्रण देखने को मिलेगा। कप्तान शुभमन गिल समेत 12 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने श्रीलंका में अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। टीम के केवल चार खिलाड़ियों के पास इस देश में टेस्ट क्रिकेट खेलने का अनुभव है। ऐसे में गॉल की परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बनाना भारतीय टीम के लिए अहम होगा।
तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी का असर दिखाई देगा। बुमराह इस दौरे का हिस्सा नहीं हैं इसलिए मोहम्मद सिराज पेस अटैक की अगुआई करेंगे। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा के उतरने की संभावना अधिक है।
हालांकि, तीसरे तेज गेंदबाज के विकल्प को लेकर टीम मैनेजमेंट के सामने फैसला आसान नहीं है। गिल ने प्रसिद्ध कृष्णा और युवा गुरनूर बरार के बीच चयन को मुश्किल बताया है। उनके अनुसार, गुरनूर पुरानी गेंद से प्रभावी गेंदबाजी करने के साथ उछाल हासिल कर सकते हैं। जबकि, प्रसिद्ध कृष्णा ने वॉर्मअप मैच में भी अच्छी लय दिखाई है।
यह भी पढ़ें:उज्जैन में मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, 876 किलो घी, 33 किलो पनीर और 80 किलो मावा जब्त
गॉल की स्पिन मददगार परिस्थितियों को देखते हुए भारत तीन बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति अपना सकता है। रवींद्र जडेजा और मानव सुथार ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी करते हैं। जबकि, कुलदीप यादव की गेंदबाजी शैली चाइनामैन है। प्लेइंग-11 में सरांश जैन और मानव सुथार में से किसी एक को शामिल किए जाने की संभावना है।
साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में देवदत्त पडिक्कल को बल्लेबाजी क्रम में नंबर-3 की जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, ध्रुव जुरेल के हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल जरूर हैं लेकिन टीम उन्हें मिडिल ऑर्डर में एक और मौका दे सकती है।
साई सुदर्शन की रिकवरी को लेकर टीम मैनेजमेंट और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच कथित संवाद की कमी की खबरें भी सामने आई थी। हालांकि, शुभमन गिल ने ऐसी किसी समस्या से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि टीम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच लगातार बातचीत होती रहती है।
टेस्ट क्रिकेट में भारत का श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मुकाबले जीते हैं जबकि श्रीलंका को 7 में जीत मिली है। वहीं, 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंका की धरती पर दोनों टीमों के बीच 24 टेस्ट हुए हैं। भारत ने इनमें 9 मैच जीते हैं और 7 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जबकि, 8 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
यह भी पढ़ें:नर्सिंग परीक्षा में देरी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, MPNRC के खिलाफ किया प्रदर्शन
गॉल टेस्ट में मौसम भी दोनों टीमों की रणनीति पर असर डाल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, मैच के पांचों दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। पहले दिन बारिश की संभावना करीब 82 प्रतिशत बताई गई है। ऐसे में मौसम के कारण खेल के समय में बदलाव या ओवरों की संख्या प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी।
भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन या मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज शामिल हो सकते हैं।