अनंतनाग। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार दोपहर आतंकियों ने पुलिस दल को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया। लाल चौक इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर करीब 12:30 बजे अचानक फायरिंग की गई। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से गोलीबारी हुई। इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर हमला हुआ वह अनंतनाग शहर का प्रमुख बाजार है। वहां सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाबलों ने तत्काल अतिरिक्त जवानों को मौके पर बुलाकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़ें:पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान पर 17.52 लाख की ठगी का आरोप, नवीन जिंदल से पहचान बताकर ठेकेदार को ठगा

जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से ऑपरेशन चला रही हैं। लाल चौक और उससे जुड़े सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है। आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की सघन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में कितने आतंकी शामिल थे और गोलीबारी के बाद वे किस दिशा में फरार हुए।

इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के फाल्कन दस्ते ने ली है। टीआरएफ की स्थापना साल 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के सहयोग से हुई थी। भारत सरकार ने 5 जनवरी 2023 को टीआरएफ को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित किया था।

जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी गतिविधियों की कई घटनाएं सामने आई हैं। 17 जुलाई की रात राजौरी जिले के तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने पर भारतीय सेना ने जवाबी फायरिंग की थी। करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर दोनों ओर से गोलीबारी हुई। सेना को आशंका थी कि आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

यह भी पढ़ें:सिक्किम टनल हादसा: मृतकों की संख्य बढ़कर 20 तक पहुंची, मीथेन गैस बनी रेस्क्यू सबसे बड़ी चुनौती

इसके अलावा 8 जुलाई को शोपियां जिले में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया गया था। वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था। ताजा हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट पर हैं और आतंकियों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।