शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने ठहरने वाले लोगों और विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए 15 दिन से अधिक समय तक जिले में रहने वाले लोगों की सूचना संबंधित थाने में देने के निर्देश दिए हैं। नियमों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के नए निर्देशों का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। मकान या दुकान किराए पर देने से पहले मालिक को किरायेदार और पेइंग गेस्ट की पूरी जानकारी निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने को देनी होगी। इसके साथ ही उनका पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना भी जरूरी होगा। इसी तरह घरेलू कामगारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियुक्त कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराने के बाद ही उन्हें काम पर रखा जा सकेगा।

निजी छात्रावास संचालकों को वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड पुलिस के साथ साझा करना होगा। छात्रों का आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर लेना भी अनिवार्य किया गया है। भवन निर्माण और दूसरे निर्माण कार्यों में लगाए जाने वाले मजदूरों तथा कारीगरों के संबंध में भी ठेकेदारों को पहले पुलिस को निर्धारित प्रारूप में जानकारी देनी होगी।

होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा और धार्मिक स्थलों पर ठहरने वाले लोगों के लिए भी पहचान सत्यापन जरूरी किया गया है। इन स्थानों के संचालकों को प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना होगा। ठहरने वाले लोगों की सूची आईडी प्रूफ के साथ रोजाना संबंधित थाने में जमा करनी होगी। इसके अलावा पुलिस के अतिथि पोर्टल पर भी मेहमानों की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।

आदेश में ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी से जुड़े एजेंटों के अलावा स्पा सेंटर, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को देने का प्रावधान किया गया है। संबंधित संचालकों को कर्मचारियों के पहचान दस्तावेज और मोबाइल नंबर भी अपने रिकॉर्ड में रखना होगा।

निजी सुरक्षा एजेंसियों के जरिए तैनात किए गए गार्ड के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर रखे गए सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी संबंधित थाने को देनी होगी। प्रशासन ने विदेशी नागरिकों के मामले में अलग व्यवस्था करते हुए उनकी सूचना तत्काल एफआरआरओ शाखा को देने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर पार्थ जायसवाल के मुताबिक, इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आदेश के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।