मुंबई। शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई में एक बड़ा विरोध मार्च का नेतृत्व किया। मेट्रो सिनेमा से शुरू हुआ यह मार्च दक्षिण मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय तक किया। इसमें कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में 6 महीने में 40 लाख मतदाता बढ़ गए। उन्होंने पूछा कि ऐसे क्या है की 40-60 लाख वोट बढ़ गए।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि वोट चोरी के खिलाफ कदम उठाना चाहिए। महाराष्ट्र में एसआईआर रद्द होनी चाहिए। एसआईआर में अबतक जो हुआ वो रद्द होना चाहिए। वहीं उन्होंने मांग की है कि बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए। राज ठाकर ने कहा कि मैंने 2018-19 में ही कहा था वोट चोरी हो रही है।
वहीं विरोध मार्च के बाद लोगों को संबोधित करते हुए शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे लगता है कि आपको भी याद होगा कि जब मोदी जी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तो उन्होंने 'मेक इन इंडिया' का नारा दिया था। याद है? हम इसे स्वीकार करते हैं। लेकिन अगर 'मेक इन इंडिया' के तहत आप हमारे देश में किसी तानाशाह को भी बनाने जा रहे हैं, तो हम आज यहां उस तानाशाही को दफनाने और उसे खत्म करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। 'मेक इन इंडिया' के तहत बाकी सब ठीक है। लेकिन अगर 'मेक इन इंडिया' के नाम पर आप तानाशाही पैदा करने जा रहे हैं, तो समझ लीजिए कि हमने आपकी तानाशाही को दफना दिया है।