नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। प्रदर्शनकारियों की पहली मांग यही थी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से देशभर के छात्रों में जश्न का माहौल है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को युवाओं के संकल्प के आगे झुकना पड़ा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, 'आज वह दिन है जब हमारे देश के लोगों ने उन लोगों से अपना देश वापस लेना शुरू कर दिया है, जिन्होंने संविधान को नष्ट करने की कोशिश की और जिन्होंने हमारे लोगों की आवाज़ को दबाने और कुचलने के लिए हर संभव प्रयास किया।'
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि यह भारत के युवाओं की जीत है और मुझे उन प्रत्येक युवा पर गर्व है, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए खड़े होने का साहस दिखाया। उन्होंने वही किया, जो महात्मा गांधी जी ने हमें सिखाया था। उन्होंने अहिंसक तरीके से आंदोलन किया। उन पर पेलेट गन चलाई गई। उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन पर लाठियां बरसाई गईं। उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन वे झुके नहीं। अंततः मोदी सरकार को उनके संकल्प के आगे झुकना पड़ा।'
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह इस देश के हर शासक के लिए, आज और हमेशा के लिए, एक सबक है। कोई भी इंसान, कोई भी नेता, कोई भी तानाशाह, और कोई भी ताकत भारतीय जनता की इच्छाशक्ति को रोक नहीं सकती। आज हमारे छात्रों और युवाओं ने यह साबित कर दिया है। आपको जनता की इच्छा का सम्मान करना होगा। यह एक लोकतंत्र है और जनता की इच्छा सर्वोपरि है। इससे ऊपर कुछ भी नहीं है।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने युवाओं की हरसंभव और पूरी ताकत से मदद करने की कोशिश की है। राहुल गांधी पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के संकट का मुद्दा उठाते रहे हैं। मैं उन्हें भी बधाई देना चाहती हूं, क्योंकि उन्होंने लगातार इस मुद्दे को उठाया और कांग्रेस पार्टी, एनएसयूआई तथा यूथ कांग्रेस के हम सभी कार्यकर्ताओं को न केवल छात्रों के साथ मजबूती से खड़े होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सार्थक सुधारों के लिए देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने की प्रेरणा भी दी।