तेहरान। ईरान में महंगाई के खिलाफ 13 दिनों से चल रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 100 से ज्यादा शहरों में यह प्रदर्शन फैल चुका है। गुरुवार रात को हालात और खराब हो गए। मामला बिगड़ता देख ईरान में इंटरनेट और फोन सर्विस बंद कर दिया गया है।

अमेरिकी ह्यूमन राइट एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। गुरुवार रात प्रदर्शनकारियों ने सड़कें ब्लॉक कीं, आग लगाई। लोगों "खामेनेई को मौत" और "इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ" जैसे नारे लगाए। 

कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में रहे। उन्होंने 'यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे' के नारे लगाए। तेहरान में बाजार बंद कर दिए गए हैं। छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा कर लिया है। सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन लाइनें काट दीं। इसे इंटरनेट वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने हिंसक दमन की तैयारी बताया। फिर भी कुछ लोग स्टारलिंक से वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। स्टारलिंक, इलॉन मस्क की इंटरनेट सर्विस है, जो सैटेलाइट से ऑपरेट होती है।

यहां प्रदर्शन और तेज हो गए जब निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार को लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। उनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए थे। युवराज पहलवी अभी अमेरिका में रह रहे हैं।