हरारे में खेले गए तीसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 192 रन बनाए थे। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 157 रन ही बना सकी। भारत की जीत में वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी और मयंक यादव की प्रभावी गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई।

भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और अभिषेक शर्मा केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने ईशान किशन के साथ पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ईशान किशन ने 29 रन बनाए। जबकि, वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े। श्रेयस ने 27 रन का योगदान दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने पहली ही गेंद पर अपना पहला विकेट गंवा दिया था। शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश में रयान बर्ल ने संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए थे लेकिन वह टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।

भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच में दबाव बनाए रखा। मयंक यादव ने सबसे सफल गेंदबाज रहते हुए 3 विकेट हासिल किए, जबकि यश ठाकुर ने 2 बल्लेबाजों को आउट किया। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी लय नहीं पकड़ सकी और टीम 157 रन तक ही सीमित रह गई।

सीरीज में लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया है। उन्होंने तीन मैचों में कुल 151 रन बनाए। मैच के बाद वैभव ने कहा कि हरारे पहुंचने के बाद टीम ने दो-तीन दिन अच्छी तैयारी की थी और उन्हें इस मैदान पर खेलना हमेशा पसंद है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य हर मुकाबले में टीम को तेज शुरुआत दिलाना रहता है और यदि शुरुआत अच्छी मिलती है तो उसे बड़े स्कोर में बदलने की कोशिश करते हैं। वैभव ने दोनों पुरस्कारों को अपने लिए सपना सच होने जैसा अनुभव बताया।