पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) से बड़ी राहत मिली है। एसोसिएशन ने उन पर लगाया गया तीन साल का प्रतिबंध वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय आज यानी बुधवार 1 जुलाई को आयोजित KCA की स्पेशल जनरल बॉडी बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर एसोसिएशन के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण श्रीसंत पर यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बिना शर्त माफी मांगने के बाद उनके मामले पर दोबारा विचार किया गया और प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया।
केसीए के अनुसार, श्रीसंत की टिप्पणियों से एसोसिएशन की छवि को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने इस अनुशासनात्मक कार्रवाई को तिरुवनंतपुरम मुंसिफ कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद श्रीसंत ने एसोसिएशन के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणियों पर आधिकारिक रूप से बिना किसी शर्त के खेद व्यक्त करते हुए माफीनामा सौंपा था।
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स्पेशल जनरल बॉडी की बैठक में उनकी माफी पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने माना कि श्रीसंत ने बिना किसी शर्त के अपनी गलती स्वीकार की है। इसके आधार पर प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया गया। हालांकि, केसीए ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि भविष्य में यदि उन्होंने इस तरह का कोई व्यवहार दोहराया तो उनके खिलाफ फिर से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंध हटने के बाद श्रीसंत अब केरल क्रिकेट लीग (KCL) के तीसरे सीजन में एरीज कोल्लम सेलर्स फ्रेंचाइजी के सह-मालिक (को-ओनर) के रूप में अपनी भूमिका जारी रख सकेंगे। गौरतलब है कि केसीए ने पिछले केसीएल सीजन से पहले ही उन पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया था।
श्रीसंत भारतीय क्रिकेट के सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं और 2007 के टी20 विश्व कप तथा 2011 के वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने 2005 से 2011 के बीच भारत के लिए 27 टेस्ट, 53 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 87 विकेट, वनडे में 75 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 7 विकेट अपने नाम किए हैं। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक पारी में 5 विकेट पर 40 रन और एक मैच में 8 विकेट पर 99 रन रहा है। जबकि, वनडे में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 विकेट पर 55 रन रहा है। घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 74 प्रथम श्रेणी मैचों में 213 विकेट, 92 लिस्ट-ए मुकाबलों में 124 विकेट और 65 टी20 मैचों में 54 विकेट हासिल किए हैं।
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श्रीसंत का करियर 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद विवादों में आ गया था। उस समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, जुलाई 2015 में दिल्ली की विशेष अदालत ने उन्हें आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया और बाद में मार्च 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बीसीसीआई ने भी उनके आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था। अब केसीए द्वारा तीन साल का प्रतिबंध समाप्त किए जाने के बाद श्रीसंत के लिए क्रिकेट प्रशासन और लीग गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।