बस्तर। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की है। बीजापुर–तेलंगाना सीमा से सटे कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में रविवार को एक के बाद एक कई आईईडी विस्फोट किए गए। इन सिलसिलेवार धमाकों में कुल 10 जवान घायल हुए हैं। इनमें डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 9 और कोबरा बटालियन का 1 जवान शामिल है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सीरियल ब्लास्ट के तुरंत बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा हिल्स में बड़े पैमाने पर सर्च और जांच अभियान शुरू कर दिया है। तलाशी के दौरान जवान लगातार आईईडी बरामद कर रहे हैं। जिससे यह साफ हो गया है कि नक्सलियों ने इस क्षेत्र में पहले से व्यापक साजिश रच रखी थी। कर्रेगुट्टा का इलाका लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है और इसे उनका सबसे सुरक्षित ठिकाना भी कहा जाता है।
जानकारी के मुताबिक, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। यह कोई पहली बार नहीं है जब इस इलाके में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया हो लेकिन गणतंत्र दिवस से पहले नक्सलियों ने जानबूझकर इस ऑपरेशन को निशाना बनाया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन धमाकों का मुख्य उद्देश्य 26 जनवरी के मौके पर दहशत का माहौल बनाना और सुरक्षाबलों के मनोबल को तोड़ना था।
रविवार को दिनभर में कुल छह आईईडी ब्लास्ट हुए। पहला धमाका सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर हुआ जिसमें डीआरजी के जवान सीटी बुम्डा माडवी घायल हो गए। उन्हें हाथों और बाएं पैर में गंभीर चोटें आई हैं। दूसरा ब्लास्ट दोपहर करीब 1 बजे हुआ जिसमें डीआरजी के दो जवान घायल हुए जिनकी आंखों और पैरों में चोटें आई। तीसरा विस्फोट दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर हुआ। इसमें तीन जवान घायल हो गए। इसके बाद चौथा ब्लास्ट दोपहर 3 बजे हुआ जिसमें डीआरजी का एक जवान चोटिल हुआ।
नक्सली यहीं नहीं रुके। उन्होंने 3 बजकर 25 मिनट पर पांचवां धमाका किया जिसमें कोबरा बटालियन के सब-इंस्पेक्टर रुद्रेश सिंह घायल हो गए। दिन का छठा और आखिरी ब्लास्ट शाम 3 बजकर 55 मिनट पर हुआ जिसमें डीआरजी के दो और जवान घायल हो गए। लगातार हो रहे इन धमाकों ने साफ कर दिया कि इलाके में बड़े पैमाने पर विस्फोटक पहले से बिछाए गए थे।
फिलहाल पूरे कर्रेगुट्टा क्षेत्र को सुरक्षाबलों ने घेर लिया है। अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं और सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि नक्सलियों ने इतनी बड़ी संख्या में आईईडी कैसे और कब प्लांट किए। गणतंत्र दिवस से पहले हुई इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य और केंद्र स्तर पर हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।