महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में चल रहे रोपवे का केबल अचानक टूट गया। घटना के समय ट्रॉली में श्रद्धालु सवार थे। केबल टूटते ही ट्रॉली जोरदार झटके के साथ नीचे की ओर आई जिससे उसमें बैठे कई लोग घायल हो गए। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। जबकि, 16 लोग घायल हुए हैं।
हादसे के वक्त नीचे वाली ट्रॉली में 9 और ऊपर वाली ट्रॉली में 8 श्रद्धालु मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने मिलकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोपवे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर रोपवे की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि इन दिनों चैत्र नवरात्रि के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि खल्लारी माता मंदिर में हुई यह दुर्घटना बेहद पीड़ादायक है। मृतक महिला के परिजनों के प्रति उन्होंने संवेदना जताई और घायलों के समुचित इलाज के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे का शिकार हुए लोगों में रतनलाल नागेश्वर (65), हेमिन नागेश्वर (62), हेमलाल नागेश्वर (38), कुंती नागेश्वर (35), पूर्वी नागेश्वर (7), टिया (3), अमलेश (30), कुमेश साहू (42), तोमेश्वरी साहू (38), हर्ष साहू (9), ऋषभ धावरे (29), छायांश धावरे (16), आयुषी शतकर (28), मानसी गड़रिया (13), नमिता स्वामी (48), अंकुष्मिता स्वामी (10) और गोविंद स्वामी (47) शामिल हैं।
खल्लारी माता मंदिर में रोपवे सुविधा अप्रैल 2024 में चैत्र नवरात्रि के दौरान शुरू की गई थी। इससे पहले श्रद्धालुओं को 842 से 981 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंचना पड़ता था। इस परियोजना का भूमिपूजन साल 2021 में किया गया था और इसका निर्माण कोलकाता की कंपनी रोपवे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया था।
यह रोपवे लगभग 300 से 350 मीटर लंबा है और करीब 130 मीटर ऊंची पहाड़ी को कवर करता है। इसमें चार ट्रॉलियां लगाई गई हैं। जिनमें प्रत्येक में चार लोग बैठ सकते हैं। यह व्यवस्था एक घंटे में करीब 200 श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने की क्षमता रखती है। फिलहाल हादसे के बाद इसकी सेवाएं बंद कर दी गई हैं और पूरे सिस्टम की जांच की जा रही है।