नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, HDFC बैंक से एक ऐसी खबर आई है जिसने बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार को चौंका दिया है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा उनके इस्तीफे के फैसले की वजह को लेकर हो रही है, जिसमें उन्होंने बैंक के कामकाज और पर्सनल वैल्यूज और एथिक्स के बीच तालमेल न होने की बात कही है।

अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद गुरुवार को HDFC के शेयर इंट्राडे में करीब 9 फीसदी तक टूट गए। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली और सुबह 9:25 बजे तक शेयर लगभग 5.4% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। इससे पहले बुधवार को भी शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ था। वहीं, बैंक के अमेरिकी शेयर (ADRs) में भी करीब 3 फीसदी की गिरावट देखी गई। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशक इस अचानक बदलाव से असहज हैं।

दरअसल, अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के अंदर कुछ ऐसी कार्यप्रणालियां देखी गईं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाती थीं। इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। बैंक ने भी अपने बयान में कहा कि इस्तीफे के पीछे वही कारण हैं, जिनका जिक्र चक्रवर्ती ने अपने पत्र में किया है।

इस्तीफे के बाद बैंक ने केकी मिस्त्री को 19 मार्च से अगले तीन महीनों के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भी मंजूरी दे दी है। इससे फिलहाल बैंक के शीर्ष नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

अतनु चक्रवर्ती 2021 में बोर्ड में शामिल हुए थे और उनके कार्यकाल में एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी लिमिटेड का बड़ा मर्जर हुआ। हालांकि, बैंक का हालिया वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा। तीसरी तिमाही में मुनाफा 11.5 फीसदी बढ़कर 18,654 करोड़ रुपये और नेट इंटरेस्ट इनकम 6.4 फीसदी बढ़कर 32,620 करोड़ रुपये रही। बावजूद इसके, मौजूदा नेतृत्व परिवर्तन ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।