मुंबई। भारतीय शेयर बाजारों में आज मंगलवार 24 फरवरी को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,250 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,400 के नीचे चला गया। इसके साथ ही शेयर बाजार में पिछले दो दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली।

दोपहर करीब 1:40 बजे, बीएसई सेंसेक्स 1,221.99 अंक यानी 1.47% गिरकर 82,072.67 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 337.55 अंक यानी 1.31% टूटकर 25,375.45 पर आ गया और 25,400 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई। दोपहर 2.40 बजे सेंसेक्स 1100 अंक (1.40%) गिरकर 82,150 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी में भी करीब 300 अंक (1.25%) की गिरावट है। ये 25,400 के स्तर पर है।

आज के कारोबार में आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली है। आईटी शेयरों में आई गिरावट की वजह से ही बाजार दबाव में है। इसकी वजह यह है कि दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं। एंथ्रोपिक नाम की अमेरिकी AO कंपनी ने दावा किया है कि उसका क्लॉड कोड टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपडेट करने की लागत और जटिलता को काफी कम कर सकता है। इससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। सुबह करीब 9:30 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत तक गिर गया और यह बाजार में सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टर बन गया।

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 7 पैसे गिरकर 90.96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बनाया। शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत का असर भी करेंसी पर पड़ा। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक सीमित रही। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.91 पर खुला और बाद में 90.96 तक फिसल गया।

एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में आज सुस्ती देखने को मिली। वहीं, अमेरिका का वॉल स्ट्रीट बाजार भी रात में गिरावट के साथ बंद हुआ। यह गिरावट तब आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ रद्द वाले फैसले के बाद देशों को नए ट्रेड डील से पीछे न हटने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह दूसरे व्यापार कानूनों के तहत और ज्यादा टैरिफ लगा सकते हैं। इस बयान से ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी।