इंडियन प्रीमियर लीग में बिहार की अपनी टीम बनाने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। वेदांता रिसॉर्सेज के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुलकर बिहार के लिए आईपीएल फ्रेंचाइजी की वकालत की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चेन्नई, मुंबई और कोलकाता जैसी टीमें अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं उसी तरह क्रिकेट प्रतिभाओं से भरे बिहार को भी आईपीएल में अपनी अलग पहचान मिलनी चाहिए। खास बात यह है कि उनके इस प्रस्ताव को बिहार सरकार का भी समर्थन मिला है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अनिल अग्रवाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार बिहार में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। उन्होंने लिखा कि राज्य में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर और टीम निर्माण को लेकर सकारात्मक दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं और निजी सहयोग से यह सपना जल्द साकार हो सकता है।

यह भी पढ़ें:MP: भीषण गर्मी की चपेट में NCC कैडेट्स, जबलपुर कैंप में 31 बीमार

पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में बिहार की क्रिकेट प्रतिभा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने देश को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। इसके बावजूद बिहार को वह सम्मान और पहचान नहीं मिली जिसकी वह हकदार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पटना के ईशान किशन ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाकर इतिहास रचा। वहीं, समस्तीपुर के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बेहद कम उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा गोपालगंज के तेज गेंदबाज साकिब हुसैन भी अपनी गेंदबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन लंबे समय तक क्रिकेट ढांचे और प्रशासनिक विवादों के कारण राज्य पीछे रह गया। एक समय ऐसा भी था जब बिहार का आधिकारिक क्रिकेट बोर्ड तक मान्यता संकट से जूझ रहा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बिहार क्रिकेट को नई पहचान मिली लेकिन अब भी राज्य को बड़े स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश की जरूरत है।

यह भी पढ़ें:CG: बिलासपुर में म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का खुलासा, छात्रों और मजदूरों के खातों से करोड़ों की साइबर ठगी

अनिल अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि यदि बिहार के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, आधुनिक स्टेडियम, बेहतर कोचिंग और पेशेवर माहौल मिले तो यहां की टीम भविष्य में देश की सबसे मजबूत क्रिकेट टीमों में शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें और वे खेल के क्षेत्र में दुनिया भर में नाम रोशन करें।

उद्योगपति ने यह भी स्पष्ट किया कि वे बिहार में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बिना किसी शर्त के आर्थिक और ढांचागत सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि एक भावना है और अब समय आ गया है कि यहां की प्रतिभा दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मंच पर चमके।

यह भी पढ़ें:BJP विधायक का ब्लैकलिस्टेड वेयरहाउस बना गेहूं खरीदी केंद्र, दो महीने पहले ही खाद्य विभाग ने की थी कार्रवाई