मुंबई। मिडिल ईस्ट में संघर्ष के बीच घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट का दौर जारी है। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन घरेलू बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स आज करीब 600 अंक की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 200 अंक की गिरावट है, ये 23,700 पर कारोबार कर रहा है।
गुरुवार के कारोबार में ऑटो, मेटल, FMCG और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। आज सुबह जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े गैप के साथ नीचे गिरे.सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स (Sensex) 983.86 अंक (1.28%) टूटकर 75,879.85 के स्तर पर आ गया। निफ्टी (Nifty 50) में भी 303.60 अंकों (1.27%) की भारी गिरावट देखी गई और यह 23,563.25 पर पहुंच गया।
दरअसल, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आए भूचाल और युद्ध के हालातों ने शेयर बाजार में हाहाकार मचा दिया है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आज भी तेजी है। ब्रेंट क्रूड करीब 9% बढ़कर फिर 101 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी तेल WTI भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले कल इस कच्चे तेल की कीमत में गिरावट थी। वहीं 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर पर पहुंच गया था।
बता दें कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों में गिरावट है। जापान का Nikkei 1.6% गिर गया है, वहीं हॉन्गकॉन्ग, शंघाई और ताइवान के बाजार भी लाल निशान में हैं। अमेरिका के Nasdaq और S&P 500 फ्यूचर्स में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर बी देखा जा रहा है।
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। कच्चा तेल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है, जिससे फल-सब्जियों से लेकर घर की हर जरूरत का सामान महंगा होने लगता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो उसे कंट्रोल करने के लिए बैंक ब्याज दरें बढ़ा देते हैं जिससे आने वाले समय में कर्ज और भी महंगा हो सकता है। बाजार में यह गिरावट आज से ही शुरू नहीं हुई है। कल यानी 11 मार्च को भी बाजार में 'ब्लैक वेडनेसडे' जैसा माहौल था। कल बुधवार को की क्लोजिंग के दौरान सेंसेक्स 1,342 अंक और निफ्टी 394 अंक गिरकर बंद हुए थे। यानी लगातार दो दिनों से निवेशकों को भारी चपत लग रही है।