आम को फलों का राजा यूं ही नहीं कहा जाता। अपने मीठे स्वाद और रसीले गूदे के अलावा यह कई जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर का बेहतरीन स्रोत भी है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से उत्पन्न माना जाने वाला यह फल आज दुनिया के कई देशों में पसंद किया जाता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, आम को संतुलित आहार में शामिल करने से पाचन तंत्र, त्वचा, बाल, हृदय और आंखों की सेहत को लाभ मिल सकता है।
एक कप कटे हुए आम में लगभग 99 कैलोरी, 2.6 ग्राम फाइबर, 1.35 ग्राम प्रोटीन, 0.62 ग्राम वसा और 22.6 ग्राम प्राकृतिक शर्करा होती है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, बी6, सी, ई, के के साथ कॉपर, फोलेट, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद रहते हैं।
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आम में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने और कब्ज व पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। यही फाइबर आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया के लिए भी उपयोगी माना जाता है। जिससे गट हेल्थ बेहतर रहती है। फाइबर की वजह से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है जिससे वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है।
इस फल में मौजूद विटामिन ए, सी और ई त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। विटामिन सी शरीर में कोलेजन बनने में मदद करता है जिससे त्वचा की लोच बनी रहती है। वहीं, विटामिन ए त्वचा और बालों की सामान्य वृद्धि में भूमिका निभाता है। जबकि, विटामिन ई त्वचा को नमी बनाए रखने में सहायता करता है।
आम में भरपूर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। साथ ही इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकता है।
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आंखों की सेहत के लिए भी आम लाभदायक माना जाता है। इसमें ल्यूटिन, जीएक्सैंथिन और बीटा-कैरोटीन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं से बचाव में मदद कर सकते हैं। आम में मैंगिफेरिन नामक पॉलीफेनॉल भी मौजूद होता है। शोधों में इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आम खाने से कैंसर की रोकथाम या इलाज का दावा नहीं किया जा सकता और इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
हालांकि, आम अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक फल है लेकिन जिन लोगों को इससे एलर्जी, इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या किडनी संबंधी समस्याएं हैं उन्हें सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। आम के छिलके में मौजूद यूरुशिऑल (Urushiol) कुछ लोगों में त्वचा पर एलर्जी भी पैदा कर सकता है।
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