दुनियाभर में ईद का जश्न शुरू हो चुका है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 22 दिनों से जंग चल रही है। जंग की वजह से ईद का जश्न फीका पड़ गया है। 60 साल में पहली बार यरुशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया है।

साल 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार है, जब अल-अक्सा मस्जिद को पूरी तरह बंद किया गया है। यह मस्जिद दुनियाभर के मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।

यरुशलम के पुराने शहर के गेट पर शुक्रवार को ईद-उल-फितर की नमाज के दौरान सैकड़ों मुस्लिम नमाजियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। नमाजी ‘अल्लाहु अकबर’ और कलमा पढ़ते हुए गेट के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सैकड़ों लोगों को जबरदस्ती हटाया।

दरअसल, 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध के बाद, सुरक्षा कारणों से इजराइली अधिकारियों ने यरुशलम में आम लोगों की एंट्री बंद कर रखी है। सिर्फ वहां रहने वाले लोग या दुकानदार ही अंदर जा सकते हैं।

उधर अमेरिका और इजरायल से जंग लड़ रहे ईरान में शुक्रवार को ही ईद मनाया गया। ईरान में इस बार ईद उल फितर का त्योहार जंग और तनाव के साये में मनाया गया। इस मौके पर बाजार वीरान नजर आए। बगदाद में ईद की नमाज के दौरान खामेनेई का पोस्टर लगाया गया। खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। वहीं कतर, UAE और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में आज यानी शनिवार को ईद मनाया जा रहा है। जंग की वजह से इन देशों में खुले मैदानों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है।