राजगढ़। मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। साल 2019 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा चलाए गए "शुद्ध के लिए युद्ध" अभियान के तहत मिलावटखोरों पर सख्ती की गई थी। हालांकि, अब एक बार फिर खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी धड़ल्ले से शुरू हो गई है। आलम ये है कि सत्तापक्ष यानी बीजेपी के सांसद को भी मंच से लोगों को सतर्क करना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा सांसद रोडमल नागर ने मिलावट और जहरीले खानपान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने मंच से कहा कि उनकी ही कॉलोनी में पिछले चार साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हो गया है। सांसद ने गांव-गांव में बन रहे नकली दूध और सब्जियों में लगाए जा रहे इंजेक्शन पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि लोगों के लालच की वजह से नई पीढ़ी की सेहत पूरी तरह से दांव पर लग गई है।

सब्जियों और अनाज में हो रही मिलावट का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि आज लौकी जैसी सबसे अच्छी सब्जी में भी इंजेक्शन लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो मूंग दाल कभी सबसे ज्यादा पौष्टिक मानी जाती थी, वह आज मिलावट के कारण पूरी तरह से जहरीली होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब 50 साल में बर्बाद हुआ, हमारी जमीन 10 साल में हो जाएगी।

सांसद नागर ने अपने संबोधन में कहा कि मैं पचोर में रहता हूं और मेरी ही कॉलोनी में पिछले चार साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हो चुका है। यह स्थिति बेहद भयावह है और इसका एकमात्र कारण हमारा जहरीला खानपान व मिलावट है। उन्होंने लोगों को विचार करने पर मजबूर करते हुए कहा कि इंसान अपने बच्चों के लिए ही मेहनत करता है, लेकिन आज जवान बच्चों को हार्ट अटैक आ रहा है, किडनियां खराब हो रही हैं और लोग धड़ाधड़ जान गंवा रहे हैं।

भाषण के दौरान सांसद ने नकली दूध के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में हमारे ही लोग नकली दूध बनाने का काम कर रहे हैं, जिससे ईमानदार पशुपालकों को दूध का सही दाम नहीं मिल पाता। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी नकली दूध बन रहा है, तो बिना नाम बताए मुझे, विधायक अमर सिंह को, कलेक्टर या एसपी को फोन कर जानकारी दें। ऐसे बेईमानों को पकड़ना ही होगा। अकेली सरकार सब कुछ नहीं कर सकती, समाज को भी जिम्मेदारी उठानी होगी।