तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी जंग को एक महीना हो चुका है, लेकिन खाड़ी देशों में हमले अब भी जारी हैं। आज सुबह तक अलग-अलग देशों से हमलों और इंटरसेप्शन की खबरें सामने आई हैं। ईरान-इजराइल जंग के 28 दिन बाद अब हूती विद्रोही भी इसमें शामिल हो गए हैं। उधर, इजरायल ने ईरान में बड़े स्तर पर एयरस्ट्राइक की है।

जानकारी के अनुसार इजराइल ने ईरान के अंदर 50 फाइटर जेट्स से हमला किया। इजराइली सेना के मुताबिक शुक्रवार रात ईरान के तीन इलाकों में हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेना ने बताया कि ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए और कई घंटों तक चले। हमलों में अराक और यज्द जैसे अहम इलाके शामिल थे। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें हथियार बनाने वाली सैन्य इंडस्ट्री और बैलिस्टिक के साथ एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्री शामिल थी।

उधर, ईरान ने आज UAE, ओमान, कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन पर हमला किया। UAE में अबू धाबी और दुबई के बीच स्थित खलीफा इकोनॉमिक जोन के पास इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने से तीन जगह आग लग गई। इस घटना में 6 लोग घायल हुए हैं। ओमान में सलालाह पोर्ट को ड्रोन से निशाना बनाया गया। इस हमले में एक विदेशी कर्मचारी घायल हुआ और एक क्रेन को नुकसान पहुंचा। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजधानी रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया।

बहरीन में ईरान की ओर से निशाना बनाए गए एक ठिकाने पर लगी आग को सिविल डिफेंस ने बुझा दिया। वहीं, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा। साथ ही, पिछले 24 घंटों में नेशनल गार्ड ने 6 ड्रोन मार गिराए। इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर शुक्रवार रात को 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागीं। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस युद्ध में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसे अमेरिकी हथियारों के जखीरे का अहम हथियार माना जाता है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक चार हफ्तों में 850 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं। अनुमान है कि अमेरिकी नौसेना के पास लगभग 4,000 टॉमहॉक मिसाइलें थीं। अगर यह सही है तो टॉमहॉक मिसाइलों का करीब एक चौथाई हिस्सा खत्म हो चुका है। रक्षा मंत्रालय के भीतर इसको लेकर चिंता बढ़ गई है। एक टॉमहॉक बनाने में करीब 2 साल लग सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने से करीब 20,000 नाविक (सीफेयरर्स) समुद्र में फंस गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में हजारों जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं और कई हफ्तों से वहीं रुके हुए हैं। एक जहाज के कप्तान ने बताया कि हालात तनावपूर्ण हैं, जहाजों पर मौजूद लोग लगातार हमलों के खतरे में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी के अनुसार, ये नाविक अनजाने में युद्ध के शिकार बन गए हैं। जहाजों की आवाजाही रुकने से खाने-पीने, ईंधन और मेडिकल सुविधाओं की भी चिंता बढ़ रही है।

उधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। यह मौजूदा एक महीने से चल रहे युद्ध के दौरान उनका पहला हमला बताया जा रहा है। समूह ने कहा कि उसने दक्षिणी वेस्ट बैंक में स्थित इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। हूती समूह ने अपने बयान में कहा कि यह हमला लेबनान, ईरान और फिलिस्तीन में बुनियादी ढांचे पर हमलों और नागरिकों की मौत के जवाब में किया गया है। समूह ने यह भी कहा कि उसका अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक उसका मकसद पूरा नहीं हो जाता और रेजिस्टेंस से जुड़े सभी मोर्चों पर हो रहे हमले बंद नहीं हो जाते।