मेटा ने 18 साल या उससे अधिक उम्र के यूजर्स के लिए अपना पर्सनल AI एजेंट Muse लॉन्च किया है। यह सामान्य AI चैटबॉट से आगे बढ़कर यूजर की ओर से कई डिजिटल काम करने में सक्षम है। फिलहाल Muse की सुविधा केवल अमेरिका में उपलब्ध कराई गई है। इसे अलग ऐप और WhatsApp के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
Muse को इस तरह तैयार किया गया है कि वह सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय यूजर के निर्देशों को वास्तविक काम में बदल सके। उदाहरण के तौर पर यह ईमेल भेजने, ऑनलाइन शॉपिंग, फॉर्म भरने और ट्रैवल बुकिंग जैसे काम कर सकता है। यूजर किसी बड़े लक्ष्य के बारे में बताए तो Muse उसे छोटे-छोटे एक्शन प्लान में बदलने में भी मदद कर सकता है।
यही बात Muse को सामान्य AI चैटबॉट से अलग बनाती है। चैटबॉट आमतौर पर किसी सवाल का जवाब या किसी काम को पूरा करने के लिए निर्देश देता है लेकिन अंतिम कार्रवाई यूजर को करनी पड़ती है। AI एजेंट इसके बजाय यूजर की अनुमति के दायरे में खुद डिजिटल प्रक्रियाएं आगे बढ़ा सकता है। जैसे फ्लाइट खोजने के बाद एजेंट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील कदम से पहले यूजर की मंजूरी ले सकता है।
मेटा के मुताबिक, Muse को सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह एक सुरक्षित वर्चुअल मशीन यानी Secure VM में चलता है। इसे क्लाउड पर मौजूद एक अलग कंप्यूटर सिस्टम की तरह समझा जा सकता है जिसमें एजेंट के संचालन के दौरान यूजर का डेटा और कनेक्टेड सेवाओं से जुड़े क्रेडेंशियल सुरक्षित रखे जाते हैं।
Muse को ईमेल, कैलेंडर और शॉपिंग जैसी सेवाओं से कनेक्ट किया जा सकता है। इन सेवाओं का कितना एक्सेस देना है इसका फैसला यूजर करता है। यानी सभी ऐप्स और सेवाओं पर एक जैसा या अनिवार्य एक्सेस नहीं दिया जाता।
मेटा ने Muse के साथ Sentinel नाम का एक अलग एजेंट भी रखा है। इसका काम Muse की इंटरनेट पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी और अनुमति देना है। Muse किसी ऑनलाइन कार्रवाई को आगे बढ़ाना चाहे तो Sentinel की मंजूरी जरूरी होती है। ईमेल भेजने या खरीदारी जैसे संवेदनशील कार्यों में यूजर की अतिरिक्त अनुमति भी ली जा सकती है।
मेटा का कहना है कि Muse को यूजर के पासवर्ड या पेमेंट कार्ड की संवेदनशील जानकारी सीधे दिखाई नहीं देती। ये विवरण सुरक्षित स्टोरेज में रखे जाते हैं और जरूरत पड़ने पर सिस्टम उनका उपयोग कर सकता है। यूजर यह भी देख सकता है कि Muse ने कौन-कौन से काम किए और आगे कौन सी कार्रवाई प्रस्तावित या की गई है। इसके लिए ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराया गया है।
Muse की भूमिका केवल रोजमर्रा के डिजिटल टास्क तक सीमित नहीं रखी गई है। मेटा के अनुसार, यह लंबे समय के लक्ष्यों को व्यवस्थित करने में भी सहायता कर सकता है। उदाहरण के तौर पर कोई व्यक्ति पूरे साल का एक्सरसाइज प्लान तैयार करना चाहता है या नया बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहा है तो Muse लक्ष्य को चरणों में बांटकर आगे की कार्रवाई तय करने में मदद कर सकता है।
मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग के AI विजन में ऐसे पर्सनल एजेंट की भूमिका अहम है। उन्होंने करीब 6,500 शब्दों के एक ऑनलाइन निबंध में भविष्य की ऐसी AI व्यवस्था की कल्पना रखी थी। इसमें हर व्यक्ति के पास अपनी जरूरत और लक्ष्यों को समझने वाला निजी AI एजेंट हो।
जुकरबर्ग के विजन के मुताबिक, भविष्य में ऐसे AI एजेंट लोगों को बिजनेस शुरू करने, उच्च स्तर की पढ़ाई में सहायता लेने और जीवनशैली से जुड़े फैसलों में सलाह देने के अलावा रिश्तों, करियर, पैसे, घर के काम और शौक जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भी मदद कर सकते हैं। उनका मानना है कि AI एजेंट लोगों के कई जरूरी काम संभालकर समय बचाएंगे। जिससे वे अपनी पसंद और प्राथमिकता वाले कामों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
हालांकि, जुकरबर्ग के इस व्यापक AI विजन को लेकर आलोचकों ने इसे काफी हद तक भविष्य की कल्पना पर आधारित बताया है। फिलहाल Muse उसी दिशा में मेटा का एक व्यावहारिक कदम है जो AI को केवल बातचीत और जानकारी देने से आगे ले जाकर यूजर की ओर से डिजिटल कार्य करने की क्षमता पर केंद्रित है।