ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सीजफायर को लेकर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत से एक दिन पहले ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं हो जाता तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

अमेरिका के साथ होने वाली सीजफायर बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन अब तक पाकिस्तान नहीं पहुंचा है। शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है। उधर, पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत के लिए तैयारी पूरे जोरशोर से जारी है। 

अमेरिकी वेबसाइट वॉल स्ट्रीट जनरल ने एक खबर में दावा किया कि बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन गुरुवार शाम पाकिस्तान पहुंच गया है। इसमें संसद अध्यक्ष गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची शामिल हैं। हालांकि, ईरान के फार्स न्यूज ने इसे फेक करार दिया है।

लेबनान में जारी इजराइली हमलों के बीच भारत ने बढ़ती आम लोगों की मौतों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।

जायसवाल ने कहा कि भारत, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL में अपने सैनिक भेजता है और लेबनान की शांति व सुरक्षा में भागीदार है, मौजूदा हालात को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और सभी देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना बेहद जरूरी है।

बता दें कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी थी। उसी के तहत इस्लामाबाद में यह बातचीत तय हुई है। अब यह देखना अहम होगा कि क्या तय समय पर यह बैठक हो पाती है या फिर हालात के चलते इसमें बदलाव होता है।